सपा-कांग्रेस गठबंधन होने की स्थिति में महानगर की तीन सीट कांग्रेेस को मिलने की चर्चा पिछले दिनों जोरों पर रही। अब इसमें शहर की कैं ट विधानसभा और देहात जनपद की सिकंदरा सीट भी शामिल हो गई है।
शहर की कैंट सीट कांग्रेस के खाते में आने की बात उस समय उठी जब सपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद अखिलेश यादव ने प्रत्याशियों की सूची जारी की और उसमें कैंट से घोषित प्रत्याशी अतीक के नाम पर कोई चर्चा नहीं की।
कांग्रेस की तरफ से कैंट सीट पर दो दावेदारों का नाम प्राथमिकता से चल रहा है। एक जो पिछले चुनाव में बसपा से यहां चुनाव लड़ चुके हैं और दूसरे वे हैं जो पिछले चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर प्रत्याशी बनाए गए थे।
इसी तरह देहात की सिकंदरा सीट पर भी कांग्रेस की दावेदारी पक्की चल रही है। गठबंधन के हिसाब से कांग्रेस का सिकंदरा पर इस वजह से भी पलड़ा भारी है क्याेंकि देहात जनपद की बाकी तीन सीटों पर वर्तमान में सपा के विधायक हैं। ऐसे में उन पर सपा का अधिकार ज्यादा माना जा रहा है।
पता चला है कि गठबंधन में इस बात पर भी सहमति बनी है कि हर जिले में एक सीट कांग्रेस को जरूर मिलेगी। सिकंदरा सीट पर कांग्रेस की तरफ से एक पूर्व जिलाध्यक्ष का नाम प्रमुख दावेदारों में लिया जा रहा है। इसके अलावा एक पूर्व सांसद के समर्थक का नाम भी इस सीट के लिए बताया जा रहा है।