हृदय के लिए यह बहुत बड़ा रिस्क फैक्टर है
डॉ. कुशवाहा ने बताया कि ओपीडी, इमरजेंसी में आने वाले 50 फीसदी रोगियों में विटामिन डी की कमी मिल रही है। हर दूसरा व्यक्ति इस विटामिन की कमी से ग्रसित है। ऐसे पांच हजार रोगियों की जांच रिपोर्ट से आकलन किया गया है। इस विटामिन की कमी से लोगों को 16 तरह की दिक्कतों के लक्षण उभर आते हैं। एलपीएस कार्डियोलॉजी इंस्टीट्यूट के निदेशक प्रोफेसर राकेश कुमार वर्मा ने बताया कि हृदय की समस्या लेकर आने वाले हर रोगी में विटामिन डी की कमी मिलती है। हृदय के लिए यह बहुत बड़ा रिस्क फैक्टर है। विटामिन डी की कमी से हृदय में हर तरह की दिक्कत हो सकती है। विस्तृत अध्ययन के लिए रोगियों का ब्योरा तैयार किया जा रहा है।
विटामिन डी की कमी से इन बीमारियों के उभरते हैं लक्षण
- हड्डियों, मांसपेशियों में कमजोरी
- हृदय रोग
- मधुमेह
- आस्टियोपोरोसिस
- मांसपेशियों में ऐंठन
- सिर दर्द
- अवसाद
- मूड स्विंग
- लगातार ठंड लगना
- लिवर और गुर्दा रोग
- नींद में गड़बड़ी -थकान
- बार-बार संक्रमण होना
- बालों का झड़ना -याददाश्त में कमी
- घावों का न भरना
ऐसे करें विटामिन डी की कमी दूर
सुबह की धूप लें, कॉड लिवर ऑयल, मूली के पत्त, गाजर, संतरा, काजू, अंडे, दही, पनीर, मक्खन, सोया, छांछ लें। जिंक और मैग्नीशियम से भरपूर खाद्य पदार्थ लें, सप्लीमेंट ले सकते हैं।