कानपुर। महाराजपुर के पुरवामीर स्थित एमजीए कॉलेज में मंगलवार को दिल्ली पुलिस भर्ती की ऑनलाइन परीक्षा के दौरान सर्वर ठप हो जाने से परीक्षा आयोजित नहीं हो सकीं। इस कारण भड़के अभ्यर्थियों ने कॉलेज परिसर में जमकर हंगामा किया। गुस्साए अभ्यर्थियों ने कॉलेज में घुसकर सर्वर रूम में तोड़फोड़ की जिसमें कंप्यूटर, दरवाजे और कुर्सियां क्षतिग्रस्त हो गईं। अभ्यर्थियों को संदेह था कि कॉलेज प्रबंधन उन्हें गेट पर रोककर अंदर परीक्षा करा रहा है। हंगामे की सूचना पर पहुंचे एसडीएम और एसीपी चकेरी ने परीक्षा कराने वाली संस्था के अधिकारियों से बातचीत कर परीक्षा अगली तिथि पर कराने की जानकारी दी। इसके बाद मामला शांत हुआ।
एमजीए कॉलेज में ऑनलाइन परीक्षा सुबह नौ बजे से निर्धारित थी। छात्रों को 8:45 बजे तक प्रवेश दिया जाना था। तय समय बीत जाने के बाद भी जब गेट नहीं खोला गया तो अभ्यर्थियों ने हंगामा शुरू कर दिया। कॉलेज प्रबंधन ने सर्वर में खराबी का हवाला देते हुए छात्रों को इंतजार करने के लिए कहा। इस बीच कुछ अभ्यर्थियों ने परीक्षा रद्द होने की अफवाहें फैलाईं लेकिन कॉलेज प्रबंधन की ओर से 10:30 बजे तक कोई लिखित सूचना जारी नहीं की गई। इससे नाराज अभ्यर्थियों ने कॉलेज में प्रवेश के लिए धक्कामुक्की शुरू कर दी और मुख्य द्वार खोलकर अंदर घुस गए। कुछ अभ्यर्थियों ने परीक्षा प्रक्रिया में धांधली का आरोप लगाते हुए सर्वर रूम का दरवाजा तोड़ दिया और वहां रखे कंप्यूटर, दरवाजे, कुर्सियां और सर्वर रूम के तार भी क्षतिग्रस्त कर दिए।
सूचना मिलते ही नरवल एसडीएम विवेक कुमार मिश्रा और एसीपी चकेरी अभिषेक कुमार पांडेय भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। एसडीएम ने परीक्षा आयोजित करने वाली ईडिकुटी संस्था के सिटी हेड शुभम दीक्षित से बात की। शुभम दीक्षित ने बताया कि मंगलवार को दिल्ली पुलिस की परीक्षाएं होनी थीं, लेकिन एक तकनीकी खराबी के कारण एमजीए कॉलेज में परीक्षा नहीं हो सकी। पहली शिफ्ट की परीक्षा को एसएससी की ओर से रद्द कर दिया गया है और इसकी सूचना वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई है। परीक्षार्थियों के एडमिट कार्ड शाम तक दोबारा अपलोड कर दिए जाएंगे, जिनमें परीक्षा की नई तिथि और परीक्षा केंद्र की जानकारी होगी। दूसरी और तीसरी पाली की परीक्षाएं शहर के यशोदानगर स्थित आरपीएम और वीएनएस कॉलेज में स्थानांतरित कर दी गई हैं। परीक्षा केंद्र द्वारा परीक्षार्थियों को दूसरे केंद्रों तक पहुंचाने के लिए तीन बसों की व्यवस्था भी की गई थी।