कानपुर देहात। खरीफ सीजन में जुलाई शुरुआत में ही किसान धान की रोपाई शुरू कर देते हैं। इसके लिए धान की बेल तैयार है लेकिन जरूरत पर नहरों व बंबों में पानी नहीं है। ऐसे धान की रोपाई के लिए किसान परेशान हैं।
जनपद में करीब तीन लाख पंजीकृत किसान हैं। खरीफ सीजन में धान प्रमुख फसल है। अधिकांश किसान धान उगाते हैं। अब तक धान रोपने के अनुसार बारिश नहीं हुई है। दो दिन से हल्की बारिश हो रही है लेकिन अधिकांश ब्लॉक क्षेत्र में बूंदाबांदी ही है। किसानों ने मशक्कत कर निजी नलकूप आदि से सिंचाई कर धान की बेल तैयार की है। अब बारिश के साथ ही किसान नहरों व बंबों में पानी नहीं आने को लेकर परेशान हैं। भदेसा के पप्पू शुक्ला, नरिहा के दीपक व शिवली के रामगोपाल आदि ने बताया कि नहर व बंबा सूखे हैं। निजी नलकूप से खेत में पानी भरकर धान लगाना घाटे का सौदा है। मेहनत कर किसी तरह से धान की बेल तैयार की है लेकिन रोपाई के समय नहर व बंबा में पानी नहीं है। धान रोपाई में देरी होने पर फसल लेट आएगी। इससे रबी सीजन की फसलाें की अगेती बोआई में परेशानी होती है। सरवनखेड़ा के भदेसा रजबहा से गंगागंज, भदेसा, जिठरौली, नाही, हिलौथी, जसवापुर, मुर्रा, पियासी आदि गांवों के किसान धान की रोपाई करते हैं।