अगर आप किसी कारण ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (जेईई) एडवांस और ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग (गेट) क्वालीफाई करने में चूक गए हैं तो भी आप आईआईटी कानपुर से पढ़ाई कर सकते हैं। इंस्टीट्यूट प्रशासन ने ऐसे ही छात्रों से नॉन डिग्री प्रोग्राम के लिए आवेदन मांगे हैं।
इंस्टीट्यूट की वेबसाइट से छात्र आवेदन पत्र प्राप्त कर सकते हैं। इसे भरकर डीन एकेडमिक अफेयर्स कार्यालय में जमा करना होगा। साथ ही इसे डीन एकेडमिक अफेयर्स को ईमेल भी करना होगा।
डीन एकेडमिक प्रो. अचला रैना मिश्रा ने बताया कि आवेदन पत्र को विभाग, डीन स्टूडेंट अफेयर्स के पास भेजा जाएगा। इसके बाद इसका प्रस्ताव बनाकर सीनेट में रखा जाएगा। सीनेट ही अंतिम रूप से छात्रों को पढ़ाई की अनुमति देगी।
छात्र यहां एक या दो सेमेस्टर की पढ़ाई कर सकता है। अधिक जानकारी हासिल करने के लिए छात्र आईआईटी की वेबसाइट iitk.ac.in पर लॉगइन कर सकते हैं या अपने सवाल डीन एकेडमिक प्रो. अचला रैना मिश्रा को ई-मेल के जरिये achla@iitk.ac.in पर भेज सकते हैं।
आवेदन पत्र के साथ देने होंगे ये दस्तावेज
- मूल शिक्षण संस्थान (जिस विश्वविद्यालय से छात्र पढ़ रहा है) का अनुमति पत्र
- एडमिशन का प्रूफ
- मूल शिक्षण संस्थान का रेफरेंस लेटर
- अंतिम सेमेस्टर का एकेडमिक रिकॉर्ड
- स्टडी प्लान
ये शुल्क देना होगा
- बीटेक, बीएस के छात्रों को 400 रुपये प्रत्येक क्रेडिट (हर विषय के टॉपिक) के लिए देने होंगे। इस हिसाब से न्यूनतम 3600 रुपये प्रत्येक माह के लिए देय होगा।
- एमटेक, एमडेस, एमएससी, एमएस (रिसर्च), एमबीए, पीएचडी के छात्रों को प्रत्येक क्रेडिट के लिए 600 रुपये देने होंगे। इसमें न्यूनतम 5400 रुपये प्रतिमाह का भुगतान करना होगा।
- इस फीस के अतिरिक्त अगर छात्र हॉस्टल में रहता है तो उसे हॉस्टल शुल्क, मेस शुल्क, बिजली, कॉशन मनी भी जमा करनी होगी।
- एग्जामिनेशन, रजिस्ट्रेशन, जिमखाना, फेस्टिवल, मेडिकल, हॉस्टल रेंट आदि मदों में भी कुल 15,100 रुपये देने होंगे। (अगर छात्र को हॉस्टल नहीं मिलता है तो उसे रहने के लिए खुद इंतजाम करना होगा)
ग्रेड आईआईटी देगा, डिग्री विश्वविद्यालय
डीन एकेडमिक प्रो. अचला रैना मिश्रा के मुताबिक इस प्रोग्राम के तहत जिस सेमेस्टर में छात्र आईआईटी में पढ़ाई करेगा उसमें उसे आईआईटी से ही ग्रेड दिया जाएगा। यह ग्रेड छात्र के कॉलेज और विश्वविद्यालय भेजा जाएगा ताकि उसके मार्कशीट में जुड़ सके। इससे भविष्य में उसे प्लेसमेंट में काफी फायदा मिलेगा। डिग्री उसी विवि से मिलेगी जहां छात्र ने प्रवेश लिया होगा।