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फर्स्ट फेज में 77 फीसदी आईआईटीएन का कैंपस सेलेक्शन

Wed, 24 Dec 2014 03:31 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
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आईआईटी के फर्स्ट फेज का कैंपस प्लेसमेंट मंगलवार को खत्म हो गया। अंतिम दिन (1 से 23 दिसंबर) तक 850 स्टूडेंट्स को जॉब मिल गई है। यह पहला मौका है, जब फर्स्ट फेज में 77 फीसदी से ज्यादा स्टूडेंट्स को जॉब मिल है।
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आईआईटी के सेकेंड फेज का कैंपस प्लेसमेंट 8 जनवरी से शुरू होगा, जो कि मार्च अंत तक चलता रहेगा। सेकेंड फेज में 250 स्टूडेेंट्स जॉब के लिए सेलेक्शन प्रक्रिया में बैठेेंगे। सेकेंड फेज में कोल इंडिया, सेल, भेल और एचएएल सरीखी भारतीय कंपनियां कैंपस सेलेक्शन करने पहुंचेंगी।

आईआईटी के कैंपस प्लेसमेंट के दौरान फर्स्ट फेज में ही 230 नेशनल और मल्टीनेशनल कंपनियों ने रजिस्टर्ड 1100 में से 850 स्टूडेंट्स को जॉब दे दी है। सबसे बड़ी रिक्रूटर एक्सल सर्विसेज है। इस कंपनी ने सालाना 55-55 लाख रुपये के वेतन पैकेज पर 38 स्टूडेंट्स को जॉब दी है।
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फ्लिपकार्ट ने 20 स्टूडेंट्स का सेलेक्शन किया है। सभी को सालाना 91.50 लाख रुपये का वेतन पैकेज मिला है। लॉयल्टी रिवार्ड्स ने 15 स्टूडेंट्स का सेलेक्शन किया है।

डिफेंस रिसर्च डेवलपमेंट आर्गेनाइजेशन (डीआरडीओ) और भारत पेट्रोलियम कारपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) ने भी कैंपस सेलेक्शन किया है। प्लेसमेंट अधिकारी प्रो. दीपू फिलिप ने बताया कि इस बार का कैंपस सेलेक्शन ऐतिहासिक है।

सर्वाधिक सालाना वेतन पैकेज भी इसी बार मिला है। सैमसंग कोरिया और ओरेकल ने सालाना एक-एक करोड़ रुपये से ज्यादा का वेतन पैकेज दिया है। टॉवर रिसर्च ने भी अच्छा वेतन पैकेज दिया है।

190 स्टूडेंट्स ने छोड़ा जॉब का ख्याल

आईआईटी कानपुर में चले रहे कैंपस प्लेसमेंट के फर्स्ट फेज में डुअल डिग्री प्रोग्राम धारक स्टूडेंट्स के मोटे वेतन पैकेज को देखकर 190 स्टूडेंट्स ने फिलहाल जॉब का ख्याल छोड़ दिया है जॉब का ख्याल छोड़ने वाले स्टूडेंट्स का मानना है कि डुअल डिग्री प्रोग्राम करने के बाद उन्हें ज्यादा अच्छा वेतन पैकेज मिल सकता है।

कैंपस प्लेसमेंट में स्टूडेंट कोआर्डिनेटर बने शौर्य वर्मा ने बताया कि डुअल डिग्री के बाद स्कोप बढ़ जाता है। एमटेक के दौरान रिसर्च प्रोजेक्ट पर काम करना पड़ता है। इससे बौद्धिक क्षमता का विकास होता है।  

अब कंपनियां भी मल्टी टैलेंट की तलाशती हैं, जो कि हर काम के लिए उपयुक्त हो। कंपनी का उद्देश्य होता है कि उन्हें डिग्री धारक कर्मचारी के साथ ही रिसर्च का बेहतर विकल्प मिल जाए। इसी वजह से डुअल डिग्री प्रोग्राम का महत्व बढ़ा है।

जिन लोगों ने अभी जॉब का ख्याल छोड़ दिया है, ये सब डुअल डिग्री प्रोग्राम या फिर पीएचडी करेंगे, फिर जॉब की सोचेंगे। मालूम हो कि कैंपस प्लेसमेंट के लिए आईआईटी कानपुर के 1290 स्टूडेंट्स ने रजिस्ट्रेशन कराया था।

इसमें से 190 स्टूडेंट्स के नाम वापसी लेने के बाद अब 1100 स्टूडेंट्स है। इसमें से 850 को जॉब मिल चुकी है। बचे 250 स्टूडेंट्स सेकेंड फेज के प्लेसमेंट में अपना भाग्य अजमाएंगे।
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