- जवारा विसर्जन यात्रा निकालने के दौरान हुआ विवाद, कई घायल
- पत्थरबाजी में एसपी भी चुटहिल, 15 से ज्यादा हिरासत में
- भीड़ जवारा विसर्जन न करने पर अड़ी, इंस्पेक्टर से हाथापाई
नवरात्र के अंतिम दिन बुधवार को अकबरपुर कसबे के कालीगंज मोहल्ला स्थित मंदिर से जवारा विसर्जन यात्रा निकालने पर दो समुदायों के बीच जमकर पथराव हुआ। पथराव में दोनों ओर से कई लोग घायल हुए। एसपी भी जख्मी हो गए। पुलिस ने लाठीचार्ज करके लोगों को खदेड़ा और 15 युवकों को हिरासत में लिया।
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देर रात तक भीड़ सभी आरोपियों को पकड़ने की मांग पर डटी रही और जवारा विसर्जन से इन्कार कर दिया। समझौता कराने की कोशिश कर रहे अकबरपुर कोतवाली इंस्पेक्टर से भीड़ हाथापाई पर उतारू हो गई। अफसर लोगों को मनाने में जुटे रहे, लेकिन नाराज लोगों ने जवारा निकालने से इंकार कर दिया।
बुधवार शाम अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के कालीगंज मोहल्ला स्थित मंदिर से जवारा विसर्जन यात्रा निकाली जा रही थी। इस पर दूसरे समुदाय के लोगों ने ऐतराज जताया, कहा कि इस रूट से पहले कभी यात्रा नहीं निकली। इसी बात पर दोनों पक्ष भिड़ गए और मारपीट के बाद पथराव होने लगा। पुलिस ने लाठीचार्ज किया तो समुदाय विशेष के लोग घरों की छत पर चढ़ गए और पुलिस पर भी पथराव कर दिया।
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हाथ में पत्थर लगने से एसपी प्रभाकर चौधरी और उनका ड्राइवर भी जख्मी हो गए। फिर जिले भर की फोर्स बुलवाकर पुलिस एक-एक घर में घुसी और उपद्रवियों को पकड़ा। अकबरपुर विधायक प्रतिभा शुक्ला, पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी और जिलाध्यक्ष राहुल देव अग्निहोत्री व तमाम भाजपाई भी मौके पर पहुंच गए और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को घटनाक्रम की जानकारी दी। देर रात हजारों की भीड़ जनकपुरी मैदान में जवारे रखकर बैठ गई और सभी आरोपियों की गिरफ्तारी न होने तक जवारा विसर्जन से इन्कार कर दिया।