इटावा। ग्राम विकास अधिकारी ने परिवार रजिस्टर में फेरबदल कर 28 साल पहले मर चुकी महिला को जिंदा दिखा दिया। पीड़ित पक्ष ने डीएम से शिकायत की तो डीपीओ को जांच सौंपी गई। जांच में दो सचिवों की लापरवाही उजागर हुई। डीपीआरओ ने सचिवों पर कार्रवाई के लिए डीडीओ को पत्राचार किया है।
ब्लॉक महेवा के नगला भदौरिया निवासी बृज मोहन सिंह ने चार अगस्त को जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र दिया था। इसमें बताया कि उनकी ताई मुन्नी देवी उर्फ रामकली का एक मई, 1997 में मृत हो गई थी। इसका विवरण परिवार रजिस्टर में हैं। उनका आरोप है कि ग्राम विकास अधिकारी रामेंद्र कुमार ने 9 जून, 2018 को मुन्नी देवी को जिंदा दिखा दिया।
उनका आरोप है एक महिला ने मुन्नी नाम बताकर अपने कागजात तैयार करवा लिए और सचिव से सांठगांठ कर अपने जिंदा दिखाकर ताऊ पहलवान सिंह भदौरिया से ली गई भूमि पर अपना हक जता रही है जबकि उनकी ताऊ को मरे हुए 28 साल हो गए है। डीएम शुभ्रांत शुक्ल ने इस मामले की जांच डीपीआरओ बनवारी सिंह को सौंपी।
डीपीआरओ ने इस मामले की जांच की तो पाया ग्राम पंचायत अधिकारी रामेंद्र कुमार ने परिवार रजिस्टर में फेरबदल कर मुन्नी देवी का फर्जी प्रमाण पत्र निर्गत कर दिया। इसमें उन्होंने ग्राम विकास अधिकारी बब्बू राजा की आईडी का इस्तेमाल किया गया। इसमें पाया गया बब्बू राजा ने ग्राम पंचायत से तबादला होने के बाद आईडी को बंद नहीं किया था। डीपीआरओ ने दोनों ग्राम विकास अधिकारियों की लापरवाही पाते हुए फर्जी प्रमाण पत्र निर्गत करने का दोषी पाते हुए डीडीओ को कार्रवाई के लिए पत्राचार किया है।