खुशीराम ने 22 फरवरी को विपिन की गुमशुदगी की रिपोर्ट शाहजहांपुर की सदर कोतवाली में लिखवाई थी। 24 फरवरी को विपिन के मोबाइल से ही अपहर्ताओं ने खुशीराम को फोन कर 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी। इसकी सूचना खुशीराम ने पुलिस को दी। इसके बाद से ही शाहजहांपुर पुलिस अपहर्ताओं को पकडने और विपिन को सकुशल छुड़ाने की कवायद कर रही थी।
विपिन के अपहरण की सूचना शाहजहांपुर पुलिस ने सभी पड़ोसी जनपदों को भी दी थी। एसपी आलोक प्रियदर्शी की माने तो शाहजहांपुर पुलिस के साथ ही हरदोई की सर्विलांस सेल को भी यह इनपुट मिला था कि अपहर्ताओं ने पिछले दो दिन से विपिन को माधौगंज थाना क्षेत्र के बढनवा में बबूल के जंगलों में रखा गया है। शनिवार शाम शाहजहांपुर पुलिस, माधौगंज और मल्लावां कोतवाली की पुलिस ने सर्विलांस सेल से मिले इनपुट के आधार पर बढनवा जंगल को घेर लिया।
इसी दौरान अपहर्ताओं ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। दोनों तरफ से फायरिंग में पुलिस की गोली से एक बदमाश घायल हो गया, जबकि उसके दो साथी पकड़े गए। एसपी ने बताया कि पूछताछ में गोली लगने से घायल शातिर ने धर्मपाल पुत्र मकरंद निवासी ग्राम गहरपुर थाना कांठ जनपद शाहजहांपुर बताया है। पकड़े गए साथी जागेश्वर पुत्र चोखे लाल निवासी ग्वारी थाना रामचंद्र मिशन जनपद शाहजहांपुर और अवधेश पुत्र जगदेव निवासी बसभेरिया थाना मझिला जनपद हरदोई हैं। एसपी ने बताया कि प्राथमिक जांच में पता चला है कि तीनों के विरुद्ध अलग-अलग मामले कई थानों में दर्ज हैं।