दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की फाइल फोटो
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पुलिस ने विनीत मिनोचा हत्याकांड का छह अगस्त को ही खुलासा कर दिया था लेकिन दोनों आरोपियों विशाल और राजकिशोर की गिरफ्तारी और विशाल की ओर से शालू का नाम लिया जाना पुलिस के लिए काफी नहीं था। पुलिस को शालू की गिरफ्तारी के पीछे बंदिशों की वजह समझ नहीं आ रही थी। बस, यहीं से पुलिस ने हत्या के कारण का पता लगाने के लिए अपनी जांच को जारी रखा। पुलिस को खुलासे में 19 दिन लग गए।
सुब्रत, उसकी बहन शुभांगी और मां पुनीता से पूछताछ की। सुब्रत से थाने और पुलिस कमिश्नर दफ्तर बुलाकर पूछताछ की गई। जेल में शालू से भी सवाल-जवाब किए गए। इसके साथ ही सुब्रत की फर्म पर पहुंचकर कर्मचारियों को भी घेरा। बुधवार को 24 घंटे का रिमांड लिया। यहां सुब्रत व विशाल का सामना कराया तो 19 दिन पहले शालू का नाम लेने वाले विशाल की जुबान पर सुब्रत का नाम आ गया।
विनीत मिनोचा हत्याकांड
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डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि दुकान में चोरी और पिता-पुत्र के बीच विवाद की बात वहीं के कर्मचारियों से पता लगी थी। इस दाैरान 150 सवाल किए गए तब जाकर हत्या का सही साजिशकर्ता और वजह सामने आ सकी।
दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड
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पुलिस की जांच में ये तथ्य आए थे सामने
- पांच सितंबर की रात 9:38 बजे शालू और सुब्रत पार्टी के लिए घर से निकले थे।
- रात 9:46 बजे दोनों हत्यारोपियों ने फ्लैट में प्रवेश किया।
- विशाल ड्राइंग रूम में रहा और राजकिशोर दंपती के कमरे में छिपा। दोनों ने चार बार मोबाइल से बात की।
- इसके बाद विशाल भी दंपती के कमरे में छिप गया। लाइट जलती देख विनीत भी उसी कमरे में प्रवेश कर गए।
- दोनों आरोपियों को देखते ही विनीत चीखे तो राजकिशोर ने हाथ पकड़े और विशाल ने चाकुओं से गोद दिया।
- छह सितंबर की सुबह 4:23 बजे शालू और सुब्रत बेटे के साथ पार्टी से लौटे।
- सुबह 4:32 बजे अपार्टमेंट का गार्ड पहुंचा और फिर पुलिस को सूचना दी गई।
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पेट, सिर व गले में निकले थे चोटों के 17 घाव।