कानपुर के बर्रा विश्वबैंक कॉलोनी डी ब्लॉक में सोलर पैनल रूफ फिटिंग का व्यापार करने वाले ओमेंद्र सिंह (46) ने सोमवार रात सात बार चाकू से हाथ की नस काटने की कोशिश की फिर फंदा लगाकर जान दे दी। पुलिस ने व्यापारी के पास से सुसाइड नोट बरामद किया है जिसमें व्यापार में पार्टनर को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है।
मूलरूप से कानपुर देहात के थाना बरौर के ग्राम मदनपुर निवासी ओमेंद्र सिंह की पत्नी अंजना सचान हैलट में स्टाफ नर्स हैं। उनके दो बेटे मार्तदंड और मांडव हैं। नोएडा में प्राइवेट नौकरी करने वाले ओमेंद्र के बड़े भाई उदय सिंह ने पुलिस को बताया कि करीब एक साल से व्यवसायिक पार्टनर भाई के साथ
धोखाधड़ी कर रहा था।
जानकारी होने पर भाई का उससे विवाद हुआ था। इसके बाद से भाई काफी तनाव में था। सोमवार रात करीब नौ बजे ओमेंद्र घर आया और दूसरे तल पर बने कमरे में चला गया। उस दौरान परिवार के अन्य सदस्य प्रथम तल पर थे।
पहले उसने अपने हाथ की कलाई पर चाकू से कई वार किए। इससे फर्श पर खून की छींटे फैल गई। इसके बाद उसने पंखे से मफलर का फंदा बनाकर उससे लटक जान दे दी। बर्रा इंस्पेक्टर रवींद्र श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपी के घर दबिश दी गई है लेकिन वह भाग निकला। तहरीर मिलने पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
पार्टनर के साथ जुड़ना मेरी बड़ी गलती... योगी जी न्याय दिलाना...
मेरी मौत का जिम्मेदार दामोदरनगर का रहने वाला मेरे व्यापार में पार्टनर है। मेरा सोलर का काम करना... पार्टनर के साथ जुड़ना मेरी सबसे बड़ी गलती थी। माननीय योगी जी... मेरे मरने के बाद मेरे परिवार को कतई परेशान न किया जाए विनम्न निवेदन है...।
आप बेहद न्याय प्रिय हैं... मैं आपका बहुत बड़ा प्रशंसक रहा हूं। मैंने जीवन में कोई काम ऐसा नहीं किया जो गलत हो। जीवन भर ईमानदार रहा इससे मेरा यह हाल हुआ... दो पन्ने के सुसाइड नोट में ओमेंद्र ने अपने पार्टनर को ही अपनी मौत का दोषी बताया है।