कानपुर देहात । जिला खाद्य विपणन अधिकारी शिशिर कुमार ने कहा है कि प्याज की जमाखोरी करने वाले व्यापारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। जमाखोरी रोकने के लिए शासन ने थोक और फुटकर दुकानदारों के प्याज भंडारण की सीमा तय कर दी है।
पिछले दिनों महाराष्ट्र और कर्नाटक में आई बाढ़ की वजह से प्याज की आपूर्ति में कमी आई है। इस कारण प्याज की कीमतों में तेजी से उछाल आया है। बाजार में 10 से 15 रुपये प्रति किलो बिकने वाले प्याज के दाम अचानक 50 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। ऐसे में त्योहारी सीजन में प्याज के बढ़े दाम लोगों के आंसू निकालने लगे हैं। इसका फायदा उठाने के लिए दुकानदारों ने प्याज की जमाखोरी शुरू कर दी। प्याज की बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए केंद्र सरकार ने 30 नवंबर तक के लिए भंडारण की अधिकतम सीमा निर्धारित की है। आयुक्त खाद्य तथा रसद विभाग मनीष चौहान ने पत्र भेजकर कहा है कि थोक विक्रेता अब प्याज का अधिकतम पांच सौ क्विटंल और फुटकर दुकानदार अधिकतम सौ क्विंटल तक ही भंडारण कर सकेंगे। इससे अधिक प्याज भंडारण पाए जाने की स्थिति में संबंधित व्यापारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जिला खाद्य विपणन अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी व मंडी अधिकारियों को निरीक्षण करने के निर्देश जारी किए हैं।