वहीं, बस अड्डे के उद् घाटन के लिए मुख्य अतिथि के रूप में परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के नाम की चर्चा है। सिग्नेचर सिटी बस अड्डे के संचालित होने से झकरकटी बस अड्डे का भार भी कम होगा। विकासनगर में सिग्नेचर सिटी बस अड्डे का निर्माण हुआ है। यह एक तरह का सैटेलाइट बस अड्डा है।
चालक सड़क पर ही बस खड़ी कर सवारियां भरते हैं
इसका दो साल पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वर्चुअल उद् घाटन कर चुके हैं। लेकिन अभी तक यहां से बसों का संचालन शुरू नहीं हो सका है। अब झकरकटी बस अड्डे के कुछ हिस्सा मेट्रो का निर्माण हो रहा हैख, जिससे यहां पर जगह कम हो गई है। जगह कम होने से लखनऊ, प्रयागराज, फतेहपुर की बसों को उनके चालक सड़क पर ही खड़ी कर सवारियां भरते हैं।
टाटमिल चौराहे और आसपास के क्षेत्र में जाम की समस्या रहती है
इसकी वजह से झकरकटी पुल, टाटमिल चौराहे और आसपास के क्षेत्र में जाम की समस्या रहती है। सिग्नेचर सिटी बस अड्डे के बनने से लखनऊ रूट की बसों को गंगा बैराज के रास्ते लखनऊ रवाना किया जाएगा। यहीं से ही कानपुर देहात, फर्रुखाबाद, कन्नौज और बिधूना के लिए बसें जाने लगेंगी।
चिड़ियाघर तिराहे पर यातायात करना पड़ेगा नियंत्रित
लखनऊ रूट की बसों को सिग्नेचर सिटी बस अड्डे से गंगा बैराज की ओर से ले जाया जाएगा। चिड़ियाघर तिराहे के पास जाम की समस्या रहती है। वहां ट्रैफिक को नियंत्रित करना पड़ेगा। अटल चौराहे से अटल घाट होते हुए गंगा बैराज पुलिस चौकी तक सड़क चौड़ी कर दी गई है, जिससे इस रूट पर वाहनों की लंबी कतारें नहीं लगेंगी।
सिग्नेचर सिटी बस अड्डा मार्च से संचालित करने की तैयारी है। यहां से लखनऊ, फर्रुखाबाद, कानपुर देहात समेत कई शहरों के लिए रोडवेज बसों का संचालन शुरू हो जाएगा। -अनिल कुमार, आरएम रोडवेज