गुरुवार रात से शुक्रवार को सुबह तक छाए कोहरे से बसों की रफ्तार धीमी हो गई। झकरकटी बस अड्डे पर बसें अपने निर्धारित समय से दो से ढाई घंटे देर पहुंच रही हैं।
रोडवेज ने कोहरे की वजह से झकरकटी बस अड्डे से रात को चलने वाली 20 फीसदी बसें शनिवार से बंद कर दी हैं। यात्रियों को यात्रा करने में अधिक समय लेकर चलने की सलाह दी है।
शहर से अन्य जिलों को जाने वाली कुल बसों की संख्या 850 है। इनसे रोजाना करीब 50 हजार यात्रियों का आवागमन होता है। सर्दी के मौसम में रात को यात्री कम हो जाते।
साधारण बसों के अलावा लखनऊ को जाने वाली वाल्वों बस भी अपने निर्धारित समय से देरी से पहुंच रही है। झकरकटी बस अड्डे पर एक बस के चालक ने बताया कि वह तड़के साढ़े चार बजे प्रतापगढ़ से चला था, अड्डे पर दिन के डेढ़ बजे पहुंचा।
जबकि उसे साढ़े 11 बजे तक पहुंच जाना चाहिए। इसी तरह इलाहाबाद, प्रतापगढ़, इटावा, लखनऊ, रायबरेली सहित अन्य स्थानों को जाने वाली बसें भी अपने निर्धारित समय से नहीं पहुंच पा रही है।
कोहरे में चलने के लिए बसों में जो फॉग लाइट लगी है। उसकी रोशनी में भी साफ नहीं दिखाई देता है
कोहरे की वजह से रात में बसों का संचालन काफी मुश्किल होता है। ऐसे में जिन यात्रियों को दूर जाना है, और वे तड़के बस पकड़ना चाहते हैं तो, कुछ एक्स्ट्रा टाइम लेकर निकले।
निगम ने तय किया है कि देर रात को चलने वाली ज्यादातर बसों का संचालन रोक दिया जाए। सर्दी में रात के समय यात्री भी कम निकलते हैं।
राजेश मैनेजर झकरकटी बस स्टेशन