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महानगर की सीमा से दो हजार लोग भेजे गए घर

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देर शाम झकरकटी बस अड्डे के निरीक्षण करते डीएम डीआइजी - फोटो : AMAR UJALA
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कानपुर। तीसरे चरण के लाख डाउन के अंतिम दिन महानगर की सीमाओं से 350 बसें करीब 2,000 लोगों को लेकर उनके घरों तक छोड़कर वापस लौटी। सोमवार को भी जनपद के विभिन्न सीमावर्ती क्षेत्रों और जाकर कटी बस अड्डे से लोगों को उनके गंतव्य तक ले जाने के लिए बस से तैयार कर दी गई रविवार को शाम के समय व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी डॉ ब्रह्मदेव राम तिवारी और डीआईजी अनंत देव अपनी टीम के साथ निकले। वे सबसे पहले झकरकटी बस अड्डे रात्रि 8 बजे पहुचे । उन्होंने आरएम रोडवेज को निर्देशित किया कि सभी यात्रियों को कोई समस्या न हो इसके लिए पूरी टीम लगाकर यात्रियों को उनके गृह जनपद पर भेजा जाए। उन्होंने कहा कि सभी यात्रियों की मेडिकल जांच कराते हुए उनकी पूरी सूची तैयार की जाए ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कितने लोगो को भेजा गया है।आरएम ने बताया गया कि झकरकटी बस अड्डे पर लगभग 100 बसे वर्तमान में लगी हुई है, जिनके माध्यमों से लोगो को उनके गृह जनपदों में भेजा जा रहा है। टीम 8 :30 बजे रामादेवी चौराहा पहुंची, जहां पर जो प्रवासी मजदूर को लेकर बसें अन्य जनपदों से होती हुई कानपुर आ रही है। यहां पर उनको भोजन, पानी की व्यवस्था जिला प्रशासन के सहयोग से की जा रही है। जिलाधिकारी ने कहा कि जो भी वितरण किया जा रहा है वह सुव्यवस्थित तरीके से किया जाए ताकि कोई दुर्घटना न हो। सभी आने वाले ट्रक ,बस व वाहनों को लाउडस्पीकर के माध्यम से निर्देशित किया जाए कि वह अपने वाहनों को धीमी गति से चलाएं ताकि दुर्घटना से बचे रहे।समस्त टोल पर भी यही बोला जाए कि अपने वाहनों की गति धीमी रखे। जिलाधिकारी ने आरटीओ से पूछा कि सुबह से अब तक कितनी बसों द्वारा यात्रियों को भेजा गया है, बताया गया कि लगभग इस कार्य में रेगुलर 250 बसें कार्य कर रही। जिनमें ड्राइवरों की शिफ्टवार ड्यूटी भी लगाई गई। जो प्रवासी मजदूरों को उनके गृह जनपद तक भेजने का कार्य कर रही है। इसके बाद उन्होंने ने भौंती हाईवे का भी निरीक्षण किया।
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