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पश्चिमी विक्षोभ से बदला बुंदेलखंड का मौसम

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bundelkhand ka ,ausam badla - फोटो : BANDA
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बांदा। बुंदेलखंड में मार्च के पहले पखवाड़े में मई जैसी गर्मी का अहसास शुक्रवार को पश्चिमी विक्षोभ ने फिलहाल काफूर कर दिया है। अचानक बदले मौसम से अधिकतम और न्यूनतम तापमान भी नीचे लुढ़क गया। तेज आंधी और बारिश से फसलें प्रभावित हुईं। कई गांवों में ओले भी गिरे। लगभग 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली आंधी में उड़ी फसलों को किसान समेटते रहे।
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मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले दो दिनों तक ऐसा ही मौसम रहने का अनुमान है। बुंदेलखंड में मार्च माह में ही गर्मी के तेवर तल्ख थे। अधिकतम और न्यूनतम तापमान में लगातार वृद्धि हो रही थी। तेज धूप होने पर समय से पहले दलहन व तिलहन की फसलें पक कर तैयार हो गईं। खेतों में कटाई-मड़ाई शुरू हो गई। बृहस्पतिवार की रात से बदला मौसम शुक्रवार को अचानक तेज हवाओं और बूंदाबांदी के रूप में तब्दील हो गया। ठंडी हवाओं ने सर्दी का अहसास कराया। तेज आंधी से खेत-खलिहानों में रखीं फसलें उड़ गईं।
किसान देर शाम तक फसलों को समेटते रहे। मौसम विभाग के अनुसार, अधिकतम और न्यूनतम तापमान में दो डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। क्रमश: अधिकतम तापमान 34 और न्यूनतम तापमान व 14 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम जानकारों के मुताबिक, अगले दो दिनों तक तेज हवाएं चलने व बूंदाबांदी का अनुमान है। उधर, अतर्रा में शुक्रवार को दोपहर आंधी-पानी से मसूर, चना, मटर, सरसों व गेहूं की फसलें खेतों में गिर गईं। तहसील क्षेत्र के कुछ गांवों में ओले पड़ने की सूचना है। हालांकि, अधिकारी इसकी पुष्टि नहीं कर रहे हैं।
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बारिश में भीगने से फसल हो जाएगी खराब
बांदा। कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डा. दिनेश शाह का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम में परिवर्तन आया है। बारिश हुई तो गेहूं को छोड़कर अन्य फसलों को भारी नुकसान होगा। जिला कृषि अधिकारी डा. प्रमोद कुमार का कहना है कि मौजूदा समय में दलहन और तिलहन की फसल की कटाई हो रही है। बारिश में भीगने से फसल खराब हो जाएगी। (संवाद)
हवा, बारिश से कई स्थानों की बत्ती गुल
चित्रकूट। तेज हवा व हल्की बारिश से दिनभर मौसम खुशनुमा रहा। दिन के तापमान में 2.5 डिग्री की गिरावट रही। बारिश से गेहूं व सरसों की फसल को लेकर किसान परेशान नजर आए। वहीं जिला कृषि अधिकारी ने किसी प्रकार का नुकसान न होने की बात कही है। खेतों में गेहूं, चना, सरसों, अलसी की फसल लहलहा रही है। किसान सुरेश सिंह, भोला तिवारी, मोहन लाल आदि ने बताया कि बारिश तेज हुई तो फसल को नुकसान हो जाएगा। जिला कृषि अधिकारी वसंत दुबे ने बताया कि हल्की बारिश हुई है। अभी कोई नुकसान नहीं हुआ है। (संवाद)
बिजली गिरने से पांच मवेशियों की मौत
हमीरपुर। शुक्रवार की सुबह से बादल छाये रहे। दोपहर बाद कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हुई। तेज हवा के साथ बरसात से खेतों में खड़ी गेहूं की फसल गिरने से किसानों का काफी नुकसान हुआ है। राठ में तेज आंधी से कई जगह पेड़ों की डालें टूट कर गिर गईं। भारतीय दूर संचार निगम कार्यालय में लगे टावर का ऊपरी हिस्सा टूट कर लटक गया। वहीं, राठ में बिजली करने से एक भैंस व चार बकरियों की मौत हो गई। नौरंगा गांव निवासी सलीम की भैंस की मौत हो गई है। वहीं, लिधौरा गांव निवासी श्यामलाल की चार बकरियों की मौत हो गई है। तहसीलदार धर्मेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि लेखपाल को मौके पर भेज कर जांच कराई जा रही है। (संवाद)
बारिश से किसानों मुश्किलें बढ़ीं
उरई (जालौन)। बृहस्पतिवार की रात में चली तेज हवाओं और शुक्रवार को चली चली तेज हवाओं ने आंधी का रूप ले लिया। मौसम में बदलाव से लोगों को गर्मी से निजात तो मिल गई, लेकिन बूंदाबांदी ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी। दरअसल खेतों पर गेहूं, लाही और मटर की कटाई और मढ़ाई चल रही है। ऐसे में किसानों की धड़कने बढ़ गईं। हालांक्रि मौसम विशेषज्ञ ने तेज बारिश के आसान न होने की बात कही है, लेकिन ठंडक थोड़ी बढ़ने की संभावना जताई है। उधर, आंधी से कई जगहों पर खेतों में फसलें बिछी दिखाई दीं। कई दुकानों में रखे टिन शेड और टट्टर गिर गए। इन्हें समेटने में लोग जुटे रहे। उधर, कुछ जगह तिरपाल लगाकर किसानों ने मढ़ाई का काम किया। किसानों ने बताया कि मटर के भीगने से उसके दाने के खराब होने की आशंका है। कृषि अफसरों का कहना है कि शुक्रवार को मौसम में आए बदलाव से 15 से 20 फीसदी नुकसान की आशंका है, वहीं मौसम विशेषज्ञ पुरुषोत्तम कुशवाह का कहना है कि फिलहाल तेज बारिश के आसार नहीं है, फिर भी मौसम में दो एक दिन ठंडक रह सकती है। (संवाद)
तेज आंधी संग बूंदाबांदी से किसान हलकान
महोबा। जिले में बृहस्पतिवार की रात मौसम में बदलाव अन्नदाताओं के लिए आफत बन गया। देर रात व शुक्रवार की दोपहर तेज आंधी के साथ बूंदाबांदी होने से किसानों की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। तेज आंधी से खेतों में मढ़ाई के लिए रखी मटर व गेहूं की फसल उड़ गई। सबसे ज्यादा नुकसान कबरई ब्लॉक के 50 गांवों के किसानों को हुआ है। खेतों में पकी खड़ी फसल भी तेज हवाओं के झोकों से बिछ गई। हालांकि, जिले में कहीं भी जनहानि नहीं हुई। किसानों ने राजस्व विभाग को आंधी, बारिश से हुए नुकसान की जानकारी दी है। शुक्रवार को पूरे दिन आसमान में बादल छाये रहने से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें देखी गईं। वहीं, भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को बूंदाबांदी ने राहत पहुंचाई।

bundelkhand ka ,ausam badla- फोटो : BANDA

bundelkhand ka ,ausam badla- फोटो : BANDA

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