बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे का शुभारंभ करने आ रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी 2020 में इसका शिलान्यास किया था। निर्माण एजेंसी यूपीडा ने कोरोना काल के बावजूद 28 माह में एक्सप्रेसवे को लक्ष्य से आठ महीने पहले बनाकर तैयार कर दिया है। इसमें चार रेलवे ओवर ब्रिज, 14 बड़े पुल, 266 छोटे पुल, 18 फ्लाइओवर, 13 टोल प्लाजा और 7 रैंप प्लाजा हैं।
24 घंटे सुरक्षा के साये में रहेगा एक्सप्रेसवे
इसमें चलने वाले वाहनों की सुरक्षा की दृष्टि से छह पुलिस उपाधीक्षक सहित 128 पुलिस जवानों को तैनात किया गया है। साथ में 12 इनोवा वाहन लगाए गए हैं। यह 24 घंटे यहां से गुजरने वाले वाहनों पर निगाह रखेंगे।
बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे: एक नजर
- 7766 करोड़ रुपये है लागत
- 296.07 किमी लंबाई
- 110 मीटर चौड़ा है
- 7 जिलों से होकर निकला है
- 266 छोटे पुल बने हैं
- 18 फ्लाईओवर बनाए गए
- 13 टोल प्लाजा हैं इस पर
- 14 बड़े पुल और चार रेल पुल भी
एक्सप्रेसवे का एक छोर भरतकूप तो दूसरा छोर इटावा को जोड़ रहा
इंतजार की घड़ी खत्म हो गई। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे का लोकार्पण शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। खास बात यह है कि इस एक्सप्रेसवे का एक छोर इटावा तो दूसरा चित्रकूट के भरतकूप से शुरू हो रहा है। ऐसे में चित्रकूट के लोगों में उत्साह है। झांसी-मिर्जापुर रोड पर चित्रकूट के भरतकूप क्षेत्र से शुरू हो रहे इस एक्सप्रेसवे पर शुक्रवार को सन्नाटा रहा। दरअसल प्रशासन ने प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए वाहनों का आवागमन रोक दिया है।
अभी तक निर्माणाधीन होने से इक्कादुक्का भारी वाहन निकल रहे थे। भरतकूप से करीब चार किमी एक्सप्रेसवे पर टोल प्लाजा बनाया जा रहा है। इस टोल प्लाजा को धर्मनगरी से जोड़कर सजाया जाएगा। भगवान राम की तपोभूमि के चित्र उकेरे जाएंगे। छत पर लगे बोर्ड को भगवा रंग से रंगा गया है। टोल आफिस का निर्माण भी जारी है। गुरुवार को कई जगह पर निर्माण कार्य, साफ सफाई चलती रही।