बिना अनुमति प्रत्याशियों के प्रचार संबंधी एसएमएस उपभोक्ताओं को भेजने के मामले में बीएसएनएल को छोड़कर अन्य सभी मोबाइल कंपनियों को नोटिस भेजा गया है। 24 घंटे में स्पष्टीकरण न मिलने पर एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी दी गई है। ये मोबाइल कंपनियां सोशल साइट पर प्रचार भी कर रही हैं। किसी भी मोबाइल कंपनी ने इसके खर्च का ब्योरा भी नहीं दिया है। पूरे मामले की जांच पुलिस के साइबर सेल को दी गई है। प्रत्याशियों ने भी बल्क एसएमएस भेजने और सोशल साइट पर प्रचार में खर्च का हिसाब नहीं दिया है। इस लिए रिटर्निंग आफीसर उन्हें नोटिस देंगे।
चार जनवरी को आचार संहिता लगने के बाद पांच जनवरी को सभी मोबाइल कंपनियों के साथ बैठक कर कानपुर में कहा गया था कि बिना अनुमति के किसी प्रत्याशी या दल के बल्क एसएमएस या सोशल साइट पर प्रचार नहीं किया जाएगा। यह भी कहा था कि बल्क एसएमएस और सोशल साइट पर प्रचार का खर्च भी बताना होगा। यह खर्च प्रत्याशियों के खर्च में जुड़ेगा। कानपुर के नोडल अफसर और एडीएम फाइनेंस संजय चौहान ने बताया कि शिकायत मिली थी कि कई प्रत्याशियों के बल्क एसएमएस और सोशल साइट पर प्रचार चल रहा है। इसलिए सभी मोबाइल कंपनियों से इसका ब्योरा और खर्च का हिसाब मांगा गया था। सिर्फ बीएसएनएल ने निल बताते हुए अपनी रिपोर्ट दी है। बाकी किसी मोबाइल कंपनी ने 48 घंटे बाद भी ब्योरा नहीं दिया है। इसलिए इन्हें नोटिस दी गई हैं।