कानपुर के जाजमउ की केडीए कालोनी में बुधवार दोपहर बाद ताश के पत्तों की तरह ढही छह मंजिला निर्माणाधीन इमारत से आज तीसरे दिन भी शव निकलने का सिलसिला जारी है। इस हादसे में दस मजदूरों की मौत हो गई थी जबकि 50 से भी ज्यादा लोग घायल हो गए थे।
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पोस्टमार्टम में पहुंचे मजदूरों के क्षत-विक्षत शव
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जाजमऊ में शव को लपेट कर ले जाते हुए
- फोटो : अमर उजाला, कानपुर
जाजमऊ में निर्माणाधीन बिल्डिंग गिरने से मरने वाले पांच मजदूरों के शवों का गुरुवार को पोस्टमार्टम हुआ। पोस्टमार्टम में मजदूरों के जख्म भी डॉक्टर नहीं गिन पाए।
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हड्डियां टूटकर चकनाचूर
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जाजमऊ में इसी जगह पर हुआ था दर्दनाक हादसा
- फोटो : अमर उजाला, कानपुर
जो मजदूर जहां था उसी हालत में स्लैब के नीचे दबने से बुरी तरह पिस गए। डॉक्टरों ने बताया कि मजदूरों के सिर, हाथ, पैर और सीने की पसलियां और हड्डियां जगह-जगह से टूटी हुई थीं।
शरीर के जख्म तक गिनना भी हुआ मुश्किल
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हादसे में घायल मजदूर
- फोटो : अमर उजाला, कानपुर
शवों की हालत ऐसी थी कि शरीर के जख्म तक गिनना भी मुश्किल हो गया था। सभी मजदूरों की मौत अधिक खून बहने की वजह से हुई। क्षत-विक्षत और रक्तरंजित शवों की पहचान करना भी मुश्किल था।
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मजदूरों के परिजनों ने कपड़ों के सहारे शवों की शिनाख्त की
कई मजदूरों के परिजनों ने कपड़ों के सहारे शवों की शिनाख्त की। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। तीन की पहचान नहीं हो सकी है।
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मां की मौत, मलबे में दबा बेटा
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अपनो का दर्द आखों नहीं देखा गया
- फोटो : अमर उजाला, कानपुर
मां की मौत, मलबे में दबा बेटा
हादसे में कबीरधाम छत्तीसगढ़ के रामपुर सासपुर लोहारा की रहने वाली निर्मला बाई वैष्णो (45) की मौत हो गई जबकि साथ में काम करने वाले तीन बेटों में कृष्णा (18) अभी मलबे में दबा है, मुकेश गंभीर रूप से घायल हालत में हास्पिटल में भर्ती है और अकेला बचा मुकेश बदहवास है।
पिता की मौत के बाद अनाथ हुए बच्चे
हादसे में घाटमपुर कुड़नी निवासी शिव स्वरूप कुशवाहा (38) की मौत हो गई। शिव स्वरूप पत्नी मीरा की मौत के बाद मजदूरी करके अपने दोनों बच्चों अमन और जूली को पाल रहा था। हादसे में पिता की मौत के बाद से अब दोनों बच्चे बेसहारा हो गए। रिश्तेदारों ने दोनों बच्चों को संभाला।