कोरोना संकट का यह दौर रियल एस्टेट सेक्टर के लिए संजीवनी साबित होने वाला है। शहर के बिल्डरों ने इसकी खास वजह भी बताई है। उनके मुताबिक इस महामारी के कारण लोगों के बीच सामाजिक दूरी रखने की चाहत बढ़ी है। इसके चलते लोग शहर के पुराने, घने बसे क्षेत्रों और गलियों से निकलकर अपार्टमेंट या बाहरी क्षेत्रों में सुरक्षात्मक रिहाइश का विकल्प अमल में लाना चाहते हैं।
इससे बीते दो-तीन वर्षों से मंदी की चपेट में चल रहे रियल एस्टेट सेक्टर में नई उम्मीदें जगी हैं। बिल्डरों के मुताबिक सरकारी प्रोत्साहन पैकेज और बैंकों की ओर से कम दरों पर सहज आवासीय लोन दिए जाने के कारण भी लोग फ्लैट या प्लॉट खरीदेंगे। हालांकि, इस सेक्टर को सुधरने में 6 माह से एक साल का समय लग सकता है।
बिल्डर बोले
कंफरडेशन ऑफ रीयल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (क्रेडाई) कानपुर चैप्टर के अध्यक्ष कमल चांडक ने कहा कि इस महामारी ने दुनिया भर के लोगों की जीवन शैली व सोच में क्रांतिकारी बदलाव लाने की भूमिका तैयार कर दी है। लॉकडाउन के कारण शहर के घने इलाकों व गलियों में रहने वालों ने तमाम तरह की परेशानियां उठाई हैं। अब बड़ी संख्या में ऐसे लोग अपार्टमेंट या खुली जगह पर बने आवासीय क्षेत्रों में जाने की इच्छा रखते हैं। यही बात रियल एस्टेट सेक्टर के लिए लाभकारी साबित होगी। घने बसे क्षेत्रों में भी निर्माण से जुड़ी गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है। 2020 के अंत तक यह सेक्टर सुधार की राह पर होगा।