आम बजट देहातवासियों को खट्टा-मीठा अनुभव करा गया। युवाओं में
रोजगार के अवसर बढ़ने की खुशी है। तो वहीं सर्विस टैक्स में बढ़ोतरी से
उच्च वर्ग, रेस्टोरेंट मालिक व दुकानदार निराश हैं। तो वहीं विरोधी
राजनीतिज्ञों ने केंद्र सरकार के बजट को छलावा बजट बताया है। उद्यमियों ने
इस बजट को कमर तोड़ने वाला बजट बताया।
बजट में आम लोगों का विशेष ध्यान रखा गया है। ग्रामीण रामदास पाल,
कुंवरलाल कहते हैं कि वह 65 वर्ष की आयु पूरी कर चुके हैं। उन्हें अभी तक
कोई पेंशन नहीं मिल रही थी। अटल पेंशन योजना मिली तो उनके लिए दाल-रोटी का
जुगाड़ हो जाएगा। छेदीलाल कहते हैं कि जिंदगी का कोई भरोसा नहीं है। वह
किसी बीमा के दायरे में नहीं आते हैं। जमीन भी नहीं है कि हादसा होने पर
कृषक का लाभ मिल सके।
पीएम बीमा योजना में वह बीमा लाभ अवश्य लेंगे। जिससे
उनके परिवार पर बोझ न पड़े। लल्लन अवस्थी कहते हैं कि बैंक से ऋण लेने के
लिए अधिकारियों के कई चक्कर लगाने पड़ते थे। वह सीमित लोगों को ही ऋण मिलने
के बाद कह उन्हें लौटा देते थे। लेकिन अब ऋण में अधिक पैसा दिए जाने से
बैंकों को हर जरूरतमंद को ऋण देना ही होगा। जिससे वह अपना लघु रोजगार आसानी
से स्थापित कर सकेंगे।
व्यापारी राहुल ओमर व अमर सिंह पाल कहते हैं कि बजट
की आस सभी को रहती है अब इसका लाभ मिले तो बात बने।केंद्र सरकार के बजट से युवाओं में कहीं खुशी तो कहीं गम नजर आया।
मध्यम आय वर्ग के युवाओं में मंहगे जूतों को सस्ता किए जाने से खुशी है।
इसके साथ ही एजुकेशन लोन के लिए अतिरिक्त धन दिए जाने से युवा खुश है। अतुल
कुमार अवस्थी बताते हैं कि एजुकेशन लोन में बजट की धनराशि बढ़ने से कई और
लोगों को लाभ मिल सकेगा। यह केंद्र सरकार की अच्छी पहल है।
डिग्री कालेज के
छात्र पवन गुप्ता, विनीत मिश्रा, अतुल गोस्वामी करते हैं कि पान मसाला,
गुटखा के दाम बढ़ने से नशे की प्रवृत्ति पर लगाम लगेगी। यह समाज हित में
सार्थक पहल होगी। वहीं प्राइवेट नौकरी कर रहे युवा अमित द्विवेदी, संजय
गुप्ता कहते हैं कि हेल्थ इंश्योरेंस पर छूट सीमा 15 हजार से बढ़ाकर 25
हजार रुपए कर दी गई है। यह सेहत के लिए अच्छी है। वहीं वरिष्ठ नागरिकों के
लिए 5 हजार की अतिरिक्त छूट का लाभ दिया जा रहा है।