इस बार बजट में रेलवे के हिस्से में बहुत नया आने की उम्मीद तो नहीं है लेकिन जो प्रोजेक्ट पाइपलाइन में हैं, उनके लिए धन स्वीकृत हो सकता है। हालांकि कई योजनाएं ऐसी हैं, जो लगातार दो से तीन साल से हर बजट में आती हैं लेकिन उनके लिए बजट जारी नहीं हो पाता है।
कानपुर से इन ट्रेनों की जरूरत
कानपुर से पुणे के लिए कोई भी सीधी ट्रेन नहीं है। सांसद सत्यदेव पचौरी ने इस संबंध में रेल मंत्री से मुलाकात कर सीधी ट्रेन चलाने की मांग की है, लिहाजा यह मांग पूरी हो सकती है। कानपुर से दक्षिण भारत की कोई भी स्थायी ट्रेन नहीं है। कभी कभार स्पेशल के तौर पर आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के लिए ट्रेनें चलती हैं।
17 अरब रुपये मिलें, तो फ्लाईओवर का काम हो शुरू
कानपुर के भीमसेन से झकरकटी बस अड्डे के पास तक रेलवे के फ्लाईओवर के लिए 17 अरब रुपये की जरूरत है। पिछले तीन सालों से हर बजट में रेलवे के इस फ्लाईओवर का जिक्र होता है लेकिन बजट न होने की वजह से काम शुरू नहीं हो सकता है। दो साल पहले इसकी फिजिबिलिटी रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को भेजी गई है।
ये काम इसी साल शुरू हो जाएंगे
- मेमू की मरम्मत के लिए शेड बनकर तैयार है। इसे अगले महीने ही चालू किया जा सकता है।
- मंधना से बिठूर के बीच साढ़े आठ किमी के आमान परिवर्तन के बाद इलेक्ट्रिफिकेशन का काम भी पूरा हो चुका है।
- न्यू कोचिंग कॉम्पलेक्स में आटोमेटिक वाशिंग सिस्टम को विकसित करने का बजट भी मिलने की उम्मीद है।
- अनवरगंज-मंधना रेल लाइन के इलेक्ट्रिफिकेशन पूरा होने के बाद इसके भविष्य पर अभी रेलवे बोर्ड के फैसले का इंतजार है। हालांकि यह मसला रेल मंत्रालय के संज्ञान में है।
- स्टेशन रीडेवलपमेंट कार्यक्रम के तहत कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर सुविधाएं बढ़ाने का काम भी इसी साल शुरू हो जाएगा। इस संबंध में बजट आवंटित हो सकता है।