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बजट 2020: आयकर की नई व्यवस्था ने उलझा दिया, केंद्रीय और राज्य कर्मचारियों में बढ़ेगा असमंजस

Sat, 01 Feb 2020 09:50 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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बजट 2020 - फोटो : अमर उजाला
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कानपुर में आम बजट से उम्मीद लगाए बैठे केंद्रीय और राज्य कर्मचारियों को निराशा हुई है। विकल्प के साथ पांच लाख रुपये तक की आय कर मुक्त तो कर दी लेकिन चार नई स्लैब दर देने और नए के साथ पुराने का विकल्प देने से कर्मचारियों को उलझा दिया है। हालांकि मानक कटौती बहाल नहीं की गई है। नए वेतनमान की घोषणा न होने से भी कर्मचारी निराश हैं।
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सरकार ने आयकर की नई दरें दी हैं। पांच लाख की आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। लेकिन यह विकल्प लेने पर निवेश आदि की छूट नहीं मिलेगी। इससे कर्मचारी सीधे 10 या 20 फीसदी की टैक्स स्लैब में आ जाएंगे। पुरानी व्यवस्था में निवेश पर छूट है। हमारे लिए पुराना कर विकल्प ही ठीक है। सरकार ने कुछ नया नहीं किया है।
सौरभ सिंह, केंद्रीय कर्मचारी

सरकार ने कर्मचारियों को एक हाथ से देकर दूसरे हाथ से निकालने वाला बजट में प्रावधान किया है। नई कर की दर में निवेश आदि की छूट का लाभ नहीं है। यदि सैलरी 6.5 लाख प्रतिवर्ष होगी तो सीधे 10 फीसदी का टैक्स लग जाएगा।
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दुर्गादत्त राठौर, केंद्रीय कर्मचारी

नए स्लैब में पांच लाख के कर पर टैक्स न लगने का प्रावधान किया गया है। यह अच्छा कदम है। लेकिन सरकार ने नए वेतनमान की घोषणा नहीं की है। सातवें वेतनमान की समस्याएं सुलझाने की भी बात बजट में नहीं आई, जो निराश करता है।
अजय कुमार द्विवेदी, राज्य कर्मचारी

वरिष्ठ नागरिकों व सेवानिवृत्त कर्मचारियों की 10 लाख तक की आय कर मुक्त करनी चाहिए थी। सरकार ने इस दिशा में कोई काम नहीं किया। नया टैक्स स्लैब दर भी अनसुलझी है। बजट में कर्मचारी जगत के लिए प्रोत्साहन नहीं है।
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हरीश श्रीवास्तव, राज्य कर्मचारी
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