आईआईटी कानपुर में बीटेक के पाठ्यक्रम को लंबे समय बाद बदलने की तैयारी चल रही है। इंस्टीट्यूट प्रशासन ने फैसला लिया है कि एक कमेटी का गठन करके जल्द से जल्द सभी ब्रांच के पाठ्यक्रमों को नया स्वरूप दिया जाए।
विशेषज्ञों के अनुसार मौजूदा समय की जरूरतों को देखते हुए पाठ्यक्रम में बदलाव किए जाएंगे। सबसे ज्यादा फोकस ऑनलाइन एजूकेशन पर रहेगा। मतलब बीटेक कोर्स के एक सेमेस्टर की पढ़ाई ऑनलाइन कराने की तैयारी है। ऑनलाइन कोर्स के लिए क्रेडिट भी तय किए जाएंगे। इसमें छात्रों को अपने ब्रांच से जुड़े किसी भी एक कोर्स की ऑनलाइन पढ़ाई करनी होगी। यह कोर्स आईआईटी के विशेषज्ञों द्वारा तैयार किया जाएगा।
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आईआईटी कानपुर
इस दौरान छात्र प्रैक्टिकल नॉलेज बढ़ाने के लिहाज से किसी कंपनी में इंटर्नशिप भी कर सकते हैं। कोर्स पूरा होने के बाद इसका एग्जाम लिया जाएगा। डिप्टी डायरेक्टर प्रो. मणिंद्र अग्रवाल ने कहा कि यह सही है कि पाठ्यक्रमों में बदलाव किया जाना है। इंस्टीट्यूट का फोकस ऑनलाइन एजूकेशन पर होगा। हालांकि इसे किस तरह का स्वरूप दिया जाएगा यह अभी तय नहीं है। इसके लिए जल्द ही एक कमेटी का गठन होगा जो पाठ्यक्रम से संबंधित आवश्यक बदलाव की रूपरेखा तैयार करेगी।
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ये है बीटेक में अनिवार्य क्रेडिट सिस्टम
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आईआईटी कानपुर
ये है बीटेक में अनिवार्य क्रेडिट सिस्टम क्षेत्र क्रेडिट
इंस्टीट्यूट कोर 124
डिपार्टमेंट कंपल्सरी 101
डिपार्टमेंट इलेक्टिव 27
ओपन इलेक्टिव 54
ईएसओ/एसओ 55
एचएसएस (लेवल-1) 22
एचएसएस (लेवल-2) 27
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डेमाे पिक
एनपीटेल से छात्र करेंगे कोर्स
आईआईटी कानपुर, बांबे, दिल्ली सहित देश के आठ आईआईटी संस्थानों ने मिलकर नेशनल प्रोग्राम ऑन टेक्नोलॉजी इनहेंस्ड लर्निंग (एनपीटेल) लांच किया है। इस वेबसाइट पर आईआईटी के ही विशेषज्ञ वीडियो और टेक्स्ट फॉर्म में ऑनलाइन कोर्स जारी करते हैं। जिसे देश और दुनिया के लाखों बच्चे हर साल पढ़ते हैं। इसके बदले छात्रों को सर्टिफिकेट प्रदान किया जाता है। बताया जाता है कि इसी वेबसाइट के जरिये आईआईटी के छात्र भी ऑनलाइन कोर्स करेंगे जिस पर उन्हें क्रेडिट दिया जाएगा। इस वेबसाइट पर इंजीनियरिंग, साइंस से जुड़े हर ब्रांच के कोर्स मौजूद हैं।
एचबीटीयू में अगले सत्र से होगा लागू
इसके पहले हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एचबीटीयू) ने अगले सत्र से ऑनलाइन कोर्स पर क्रेडिट सिस्टम लागू करने का फैसला लिया है। यूनिवर्सिटी की कार्य परिषद ने इस पर मंजूरी भी दे दी है। ऑनलाइन कोर्स करने वाले छात्रों को 20 क्रेडिट दिए जाएंगे। यह क्रेडिट उनके मार्कशीट में भी जुड़ेंगे।
यूजीसी ने दी है हरी झंडी
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने भी ऑनलाइन कोर्स पर डिग्री, डिप्लोमा देने पर सहमति दे दी है। यूजीसी ने बीते सप्ताह ही नई दिल्ली में आयोजित एक अहम बैठक में इस पर मुहर लगाई है। आयोग के तहत ऑनलाइन कोर्स कराने पर वही संस्थान फिलहाल डिग्री, डिप्लोमा देने योग्य होंगे जिन्हें एनआईआरएफ रैंकिंग मिली हो या नैक से ए ग्रेड हों।