फतेहपुर में डीएलएड छात्रा को बुधवार सुबह घर में संदिग्ध हालात में गोली लग गई। गोली छात्रा के बाएं तरफ सीने के आरपार हो गई। खून से लथपथ छात्रा को परिजन सीएचसी लेकर पहुंचे। यहां से डाक्टर ने कानपुर रेफर कर दिया। कानपुर के एक नर्सिंगहोम में शाम को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
मामले में परिजन कुछ भी बोलने का तैयार नहीं हैं। पुलिस को दोपहर बाद घटना का पता चला। कोतवाल ने बताया कि कारोबारी के घर में ताला बंद है। घटना की जांच की जा रही है। अभी कोई तहरीर नहीं मिली है।
कस्बे के ललौली चौराहा निवासी राजू ओमर टायर कारोबारी हैं। मकान के निचले हिस्से में ही दुकान है। कानपुर के महराजपुर थानांतर्गत सरसौल निवासी राजू के साढ़ू अनिल गुप्ता की बेटी रश्मि उर्फ गुड़िया (20) दो साल से उनके यहां रहकर डीएलएड की पढ़ाई कर रही थी। कुंवरपुर रोड स्थित अभय प्रताप सिंह डिग्री कॉलेज में उसका डीएलएड का उसका दूसरा वर्ष था।
सुबह लगभग नौ बजे संदिग्ध हालात में गोली चली। इस दौरान राजू ओमर, उनकी पत्नी रेखा और बेटा सुखद घर के अंदर मौजूद थे। गोली की आवाज सुनकर सभी लोग तत्काल छात्रा के कमरे में पहुंचे। खून से लथपथ छात्रा को मौसेरा भाई सुखद कार से लेकर सीएचसी बिंदकी पहुंचा।
छात्रा के बाएं तरफ सीने में गोली आरपार हो गई थी। डाक्टरों ने हालत गंभीर देखकर कानपुर रेफर कर दिया। मौसा, मौसी और मौसेरा भाई छात्रा को लेकर कानपुर ले चले गए। कानपुर के एक नर्सिंगहोम में भर्ती कराया, यहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
खास बात तो यह है घटनास्थल के कुछ फासले पर कोतवाली है, लेकिन पुलिस को घटना की जानकारी दोपहर बाद हो पाई। कोतवाल ने बताया कि कारोबारी के घर में ताला बंद है। शायद पूरा परिवार छात्रा को लेकर कानपुर गया था। अभी तक न तो कोई तहरीर मिली है और न ही कोई कुछ बताने वाला है। मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। एक पुलिसकर्मी को राजू ओमर के घर के बाहर तैनात कर दिया गया है। छानबीन में पता चला है कि राजू ओमर के घर में किसी सदस्य के नाम असलहे का लाइसेंस नहीं है।