जिन नेताओं को बसपा प्रमुख मायावती ने पार्टी के लिए खतरा मानते हुए बाहर कर दिया था, अब उन्हीं को पार्टी की डूबती नइया पार लगाने के लिए वापस बुला रही हैं।
कांशीराम से आशीर्वाद लेती मायावती (फाइल फोटो)
प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे दद्दू प्रसाद फिर से मायावती के विश्वास पात्र बन गए हैं। फिलहाल उन्हें मध्य प्रदेश (एमपी) में पार्टी की नींव मजबूत करने की जिम्मेदारी दी गई है। एमपी में 2018 में विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं। वहां बसपा के वर्तमान में चार विधायक हैं।
कानपुर मंडल के बांदा जिले से राजनीति शुरू करने वाले दद्दू प्रसाद पिछले करीब 10 साल से बसपा से बाहर रहे हैं। इस बीच उन्होंने मायावती का जमकर विरोध किया लेकिन कांशीराम की बसपा पर उनका भरोसा जमा रहा। दद्दू प्रसाद के साथ ही राज्यसभा सांसद रहे ईसम सिंह भी पार्टी में वापस आ गए हैं।
मजे की बात यह है कि अभी इन नेताओं को मायावती ने मुख्यधारा से दूर रखा है। कहा जा रहा है कि 2019 के लोकसभा चुनाव में इन सभी को प्रमुख जिम्मेदारी दी जाएगी। अभी इनका ट्रायल चल रहा है। दद्दू प्रसाद के अलावा एक घोटाले के आरोप में बाहर चल रहे बाबूराम कुशवाहा के अलावा कुछ और पुराने नेता जिन्होंने बसपा से दूरी बना ली थी, उनको वापस लाने की कवायद चल रही है।
इस संबंध में बसपा सरकार के पूर्व मंत्री दद्दू प्रसाद बोले 'बसपा प्रमुख ने मुझे मध्यप्रदेश के चार जनपदों, छतरपुर, टीकमगढ़, पन्ना और दमोह की जिम्मेदारी दी है। यहां पर बसपा को मजबूत करने का काम कर रहा हूं। आगे जहां भी जिम्मेदारी मिलेगी करेंगे।'
बसपा सरकार के पूर्व मंत्री दद्दू प्रसाद, (दाएं) बाबूराम कुशवाहा
कुछ बड़े नेताओं के पर कतरने की कवायद
बसपा में पिछले दो दिनों के अंतराल में कई बड़े नेताओं के पर कतर दिए गए। बसपा सरकार में कैबिनेट मंत्री के अलावा कई और बड़े पदों पर रह चुके एक नेता पर बसपा प्रमुख की गाज गिरने की चर्चा है। कहा जा रहा है कि उनसे पार्टी की प्रमुख जिम्मेदारियां वापस ले ली गई है। यह नेता कानपुर के जोनल कोआर्डिनेटर भी रह चुके हैं।
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