बहुजन समाज पार्टी की ओर से रविवार को जारी की गई एमएलसी दावेदारों की लिस्ट में इस बार शहर से एकमात्र एमएलसी अशोक सिद्धार्थ को जगह नहीं मिली है।
बसपा प्रमुख मायावती ने पार्टी के जोनल कोआर्डिनेटर अशोक सिद्धार्थ को फिर से मौका नहीं दिया है।
करीब दो महीने पहले कानपुर और लखनऊ क्षेत्र का जोनल कोआर्डिनेटर बनकर आए स्थानीय निवासी अशोक के बारे में कहा जा रहा था कि वे नसीमुद्दीन सिद्दीकी और सतीश मिश्रा के काफी करीब हैं।
इस वजह से उन्हें दोबारा विधान परिषद सदस्य बनाया जा सकता है। लेकिन बहनजी ने सारी योजना पर पानी फेर दिया। पार्टी ने जिन तीन लोगों को एमएलसी बनाने की लिस्ट में शामिल किया है।
उसमें पूर्व कैबिनेट मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी, बुलंदशहर निवासी पूर्व मंत्री धर्मवीर अशोक और गाजियाबाद से प्रदीप कुमार हैं। रविवार को एमएलसी सीट के दावेदारों की घोषणा होने के बाद स्थानीय पार्टी इकाई में पूरे दिन हलचल रही।
कई पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने जोनल कोआर्डिनेटर अशोक को फोन कर इस बारे में जानकारी हासिल की। यह भी कहा गया कि नसीमुद्दीन को छोड़कर बाकी दो सीट के लिए एक ही जाति के लोगों को प्राथमिकता दी गई है।
15 जनवरी को पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष के जन्मदिन की तैयारी को लेकर चल रही बैठकों के दौरान भी एमएलसी दावेदारों के नाम को लेकर चर्चा चलती रही।