राजनैतिक षड्यंत्र के तहत विकास दुबे से संबंध व कारों में अवैध हथियार होने की पुलिस को सूचना देकर सीतापुर जनपद में उन्हें फंसाने का प्रयास किया गया। लेकिन सत्य की जीत हुई वह घिनौनी राजनीति करने वालों से डरने वाले नहीं हैं। यह कहना है सीतापुर से पुलिस हिरासत से वापस आए बसपा नेता डॉ. अनुपम दुबे का।
फतेहगढ़ स्थित अपने आवास पर सोमवार को डॉ. अनुपम ने बताया कि वह हर वर्ष की भांति रविवार को भी जनपद सीतापुर के नौमिषारण्य में अपने गुरुदेव के आश्रम में गुरु पूर्णिमा के अवसर पर दो कारों से गए थे। वहां पर पूजा अर्चना करने के बाद लगभग चार बजे घर आ रहे थे।
तभी गोमती पुल के पास बड़ी संख्या में मौजूद पुलिस बल ने अत्याधुनिक असलहों को दिखाकर उनके वाहनों को घेर लिया। वाहन में सवार सभी लोगों को उतार लिया और उनके लाइसेंसी असलहों व विकास दुबे से संबंध के बारे में पूछने लगे। इस पर बसपा नेता ने बताया कि उनका विकास दुबे से कोई संबंध नहीं है।
इसके बाद सीतापुर पुलिस ने कई घंटों तक छानबीन के बाद उनको क्लीन चिट दे दी। यह पूरी साजिश राजनैतिक षड्यंत्र के तहत की गई थी। जिले का पुलिस व प्रशासन उनसे भली भांति परिचित है। इसके चलते राजनैतिक लोगों ने जनपद सीतापुर के पुलिस अफसरों को भ्रमित करके उनको कई घंटो तक परेशान कराया।
पुलिस ने अपने बचाव में दर्ज किया लॉकडाउन के उल्लंघन का मुकदमा
जनपद सीतापुर में डॉ. अनुपम दुबे, उनके सुरक्षाकर्मियों व अन्य लोगों के खिलाफ पुलिस ने लॉकडाउन उल्लंघन का मुकदमा दर्ज कर सभी को मुचलके पर सोमवार सुबह छोड़ दिया। डॉ. अनुपम ने बताया कि वह अपनी कार में मास्क लगाकर बैठे थे। कार में सैनिटाइजर भी रखा था। आधा सैकड़ा मास्क अलग से लोगों को देने के लिए रखे थे।