केडीए ने हटाए थे जमीन से कब्जे
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कानपुर के कटरी और इसके आसपास की जमीनें शहर के धनाढ्य वर्ग और सत्ता के करीबी रहे लोगों के लिए नंबर दो का धन खपाने का माध्यम बन गई हैं। यह धंधा पिछली कई सरकारों के समय से चल रहा है। कहा जा रहा है कि यदि ईडी गहनता से जांच करे तो करोड़ों रुपये के घपले का खुलासा हो सकता है और कई चौंकाने वाले नाम भी सामने आ सकते हैं।
प्रशासन की जांच में कुछ पुराने कब्जाधारियों पर फिर से निगाह गई है जिसमें बहुजन समाज पार्टी के एक पदाधिकारी और शहर में खानपान का व्यवसाय करने वाले एक कारोबारी का नाम सामने आया है। उसके पास सैकड़ों बीघा भूमि बताई जा रही है। यह भी पता चला है कि बसपा पदाधिकारी को पूर्व में भू माफिया की सूची में भी डाला जा चुका है।
कटरी की सरकारी जमीनों पर कब्जा हटाने और उसके परिसीमन को लेकर मंडलायुक्त डॉ राजशेखर की तरफ से राजस्व विभाग को मिनट्स जारी किए गए हैं। इसी के तहत कार्रवाई करने का निर्देश जारी किया गया है। प्रशासन के अनुसार कटरी क्षेत्र में टीम बनाकर सरकारी जमीनों का परिसीमन शुरू किया जा रहा है इस दौरान जो भी कब्जे मिलेंगे उन्हें हटाया जाएगा।
जमीनों में इस तरह खपाया जाता है धन
अनेक उद्यमी, कारोबारी और अन्य पैसे वाले लोग बिठूर और कटरी के आसपास किसानों की खेती वाली जमीनें ले लेते हैं क्योंकि सर्किल रेट के हिसाब से रजिस्ट्री काफी कम पैसे में हो जाती है। जिन किसानों से जमीन ली जाती है, उन्हें सर्किल रेट के अलावा नगद राशि दे दी जाती है। इस काम में ऐसे लोगों की सहायता हिस्ट्रीशीटर प्रधान रामदास और दूसरे भू माफिया सुखदेव जैसे लोग करते हैं।