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नोट बांटने में बसपा जिलाध्यक्ष को नोटिस, जवाब मांगा

Sat, 17 Jan 2015 04:04 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
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स्नातक चुनाव की आदर्श आचार संहिता लागू होने के बीच मायावती के जन्मदिन समारोह में रुपये बांटने पर निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को बसपा जिलाध्यक्ष आरके भास्कर को नोटिस दिया है।
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नोटिस का जवाब तीन दिन के अंदर मांगा है। संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो तीन दिन बाद लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम-1951 या फिर आईपीसी की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।

खुलेआम रिश्वत बांटने का मामला भी बनता है, क्योंकि जो पैसा बांटा गया है, उसका कोई हिसाब किताब नहीं है। यह पैसा कहां से आया, किसका है, इसका जवाब बसपा नेता नहीं दे पा रहे हैं। 
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फूलबाग नानाराव पार्क में गुरुवार को बसपा सुप्रीमो मायावती का जन्मदिन धूमधाम से मनाया गया था। इस कार्यक्रम की अनुमति बसपा जिलाध्यक्ष आरके भास्कर ने सिटी मजिस्ट्रेट आशुतोष अग्निहोत्री से ली थी।

सिटी मजिस्ट्रेट ने अनुमति का जो पत्र जारी किया था, उसमें कहा था कि आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन न किया जाए।

जो कार्यक्रम होगा, उसकी रिकार्डिंग कराके सीडी उपलब्ध कराई जानी चाहिए। इसका अनुपालन बसपा नेताओं ने नहीं किया। कार्यक्रम के दौरान ही खुले मंच से गिफ्ट बांटने का ऐलान किया।

हर विधानसभा क्षेत्र का प्रभारी मंच पर आया और तमाम लोगों को बुलाकर पांच-पांच हजार रुपये का लिफाफा पकड़ाया। यह सब कैमरे और मोबाइल की वीडियो रिकार्डिंग में कैद है।

आचार संहिता के उल्लंघन और खुलेआम पैसा बांटने के इस मामले को ‘अमर उजाला’ ने 16 जनवरी के अंक में प्रकाशित किया। इसी का संज्ञान लेकर सिटी मजिस्ट्रेट ने नोटिस जारी किया है।

सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि बसपा जिलाध्यक्ष को कार्यक्रम की सीडी उपलब्ध कराने को कहा गया है। यह भी बताने को कहा कि कार्यक्रम में किन-किन लोगों को उपहार दिया गया है।

जिन लोगों ने उपहार लिया है, उनका नाम, पता उपलब्ध कराएं। यह बताएं कि जिन्होंने उपहार लिया है, वह स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के वोटर तो नहीं हैं। कार्यक्रम के दौरान मंच पर कौन-कौन रहा, यह ब्यौरा भी मांगा गया है।

पूछा गया है कि जन्मदिन समारोह की पार्टी में क्या स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का कोई प्रत्याशी मौजूद रहा है।  यदि हां तो उनका नाम, पूरा पता उपलब्ध कराया जाए।

सिटी मजिस्ट्रेट ने कहा कि इसका जवाब नहीं मिला तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस मामले को गंभीरता से लिया गया है।

शुक्रवार को छपी खबर में त्रुटिवश लिफाफों में पांच-पांच सौ के कुल पांच हजार करारे नोट थे छप गया था जिसका हमें खेद है। लिफाफों में पांच-पांच सौ के कुल 10 नोट यानी कुल पांच हजार रुपये थे।
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