पीएम मोदी के मास्टर स्ट्रोक से बसपा भी सकते में है। लखनऊ में सुप्रीमो मायावती के बुलावे पर फतेहपुर जिले की सभी विधानसभा के प्रत्याशी गुरुवार को वहां पहुंच गए। पहले मुलाकात फिर बैठक हुई। प्रत्याशिता बदलने और दावेदारी कितनी मजबूत है, इस पर भी समीक्षा हुई।
सूत्रों के मुताबिक सभी को सीख दी गई कि सूबे में पैदा हुई नई व्यवस्था के अनुरूप अपने को ढालें और बसपा का प्रचार-प्रसार करने में पूरे मन से जुट जाएं। विधानसभा का चुनाव करो या मरो की तरह है। हर हाल में सपा, भाजपा से प्रदेश को मुक्त कराना है।
पार्टी सूत्रों की मानें तो बैठक में यह साफ किया गया कि पांच सौ और हजार रुपये के नोट बंद होने का असर समाज के हर तबके पर पड़ेगा। उनके अपने वोट बैंक में सेंध के लिए भी इसका प्रयोग किया जा सकता है। हर प्रत्याशी को सजग और सतर्क रहने की जरूरत है।
बता दें कि जिले की सभी छह विधानसभाओं से प्रत्याशी और उनके करीबी लखनऊ गए थे। रात में वे वापस भी लौट आए। सूत्रों की मानें तो बसपा सुप्रीमो ने सपा और कांग्रेस के गठबंधन, सपा और अन्य दलों के गठबंधन से पैदा होने वाली स्थिति के बारे में भी समझाया। हिदायत यह भी दी गई कि यदि प्रत्याशी की दावेदारी उनकी नजह में कमजोर दिखी तो प्रत्याशी किसी भी समय बदला भी जा सकता है।