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गाय-भैंस का कच्चा दूध पीने से टीबी जैसा ब्रुसैला रोग, सांस फूले और लाल चकत्ते आएं तो हो जाएं सावधान

Thu, 18 Apr 2019 10:46 AM IST
प्रशांत कुमार यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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जिन लोगों को गाय, भैंस, बकरी का ताजा कच्चा दूध पीने की आदत है, वे जान लें कि उन्हें टीबी जैसा घातक रोग ब्रुसेला हो सकता है। दूध तभी पिएं जब इसे कायदे से उबाल लें। इसके साथ ही अगर हल्का बुखार लगातार आता रहे तो इसे भी हल्के में न लें। बुखार आना किसी संक्रमण की ओर शरीर का इशारा है। इस पर सावधानी बरतें। यह बात इंडियन मेडिकल एसोसिएशन कॉलेज ऑफ जनरल प्रैक्टिसनर्श के रिफ्रेशर कोर्स के चौथे दिन हरियाणा से आए डॉ. ध्रुव चौधरी ने बताई।
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कानपुर में मेडिकल कॉलेज ऑडिटोरियम में आयोजित रिफ्रेशर कोर्स में डॉ. चौधरी ने बताया कि मच्छर से जीका वायरस फीवर के अलावा वेस्ट नाइल फीवर, रिफ्ट वैली फीवर होने लगा है। इससे दिमागी बुखार होता है। 80 फीसदी बीमारियां जो आज इंसानों में फैली हैं, उनकी उत्पत्ति पशुओं से है।

डॉ. चौधरी ने बताया कि आमतौर पर छोटी जांचों से ही बुखार का कारण पता चल जाता है लेकिन किसी बुखार का कारण पता नहीं चल रहा तो उसके लिए सेकेंडरी जांचें करानी पड़ती हैं। खून की कमी एनीमिया और स्त्री रोगों में भी बुखार रहता है। इसके अलावा एचआईवी संक्रमण, टीबी और कैंसर में भी रोगी को हल्का बुखार रहता है। इस मौके पर डॉ. नंदिनी रस्तोगी, डॉ. राजीव कक्कड़ और डॉ. आरके लुंबा मौजूद रहे।
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