कानपुर देहात। ब्लॉक रिसोर्स पर्सन (बीआरपी) स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को प्रशिक्षित कर कारोबार के लिए निपुण बनाएंगी। साक्षात्कार में चयनित 60 बीआरपी को ब्लॉक स्तर पर प्रशिक्षण देने की जिम्मेदारी दी गई है। जिले के 10 ब्लॉक के लिए छह-छह बीआरपी का चयन किया गया है।
जिले में 10 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूह का संचालन हो रहा है। इनसे जुड़ी महिलाओं को कारोबार के क्षेत्र का प्रशिक्षण देने के लिए जल्द ही मुख्यालय से कार्यक्रम जारी किया जाएगा। महिलाओं को प्रशिक्षित किए जाने के लिए जिले को लक्ष्य भी दिया जाएगा। जिसके आधार प्रशिक्षण शुरू किया जाएगा। प्रशिक्षण पाने वाली महिलाओं को इनके ज्ञान और कौशल को विकसित कर आत्मनिर्भर बनाए जाने की तैयारी है।
समूह से जुड़ी हजारों महिलाएं अलग-अलग रोजगार भी कर रही हैं। हालांकि कुछ महिलाएं अभी कारोबार से नहीं जुड़ सकी हैं। वहीं, बेरोजगार महिलाओं में स्वरोजगार शुरू करने का जज्बा भी है, लेकिन सही जानकारी न होने के कारण कारोबार शुरू नहीं कर पा रही हैं। स्वरोजगार की राह आसान करने के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार आजीविका मिशन अब बीआरपी के माध्यम से महिलाओं को प्रशिक्षित कराएगा। समूह की महिलाओं को दुग्ध उत्पादन, ब्यूटी पार्लर, जैविक खेती व अन्न उत्पादन सहित अन्य रोजगार करने के लिए प्रशिक्षण दिया जाना हैं। साथ ही महिलाओं को सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। वहीं बीआरपी को प्रति व्याख्यान पर 750 रुपये मानदेय दिया जाएगा।
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जिले के दस ब्लॉक के लिए 60 बीआरपी के चयन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। मुख्यालय से कार्यक्रम जारी होते ही समूह की महिलाओं को प्रशिक्षित करने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इससे महिलाओं को स्वरोजगार शुरू करने में सहायता मिलेगी और वह आत्मनिर्भर बन सकेंगी। - गंगाराम, उपायुक्त, एनआरएलएम