कानपुर रावतपुर गांव में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया। प्रापर्टी हड़पने के चलते एक युवक की उसके चचेरे भाई ने साथियों के साथ मिलकर नसबंदी करवा दी। इसके पीछे मंशा है कि शादी के बाद युवक का वंश आगे न बढ़े और वे लोग आगे चलकर उसकी प्रापर्टी कब्जा लें।
पीड़ित अविवाहित और मानसिक रूप से कमजोर है। पीड़ित की मां ने मंगलवार को एसएसपी दफ्तर पहुंचकर शिकायत की। वहां मौजूद गोविंदनगर सीओ चक्रेश मिश्रा ने सीओ कल्याणपुर अजय कुमार को जांच सौंप दी है। गांव निवासी माधुरी देवी के पति की दस साल पहले मौत हो गई थी।
बेटी की शादी हो चुकी है। 22 वर्षीय बेटे आनंद के साथ रहती हैं। माधुरी के मुताबिक 14 अगस्त को आनंद किसी काम से डबलपुलिया जाने के लिए घर से निकला था। रास्ते में पड़ोस में ही रहने वाला आनंद का चचेरे भाई अपने तीन साथियों के साथ उसे मिला।
बहला फुसलाकर बेटे को गोल चौराहा स्थित जेएल रोहतगी अस्पताल ले गया। आरोप है कि यहां पर डरा धमकाकर उसे भर्ती कराया गया और जबरन उससे एक कागज पर अंगूठा लगवाया गया। इंजेक्शन लगाकर उसे बेहोश कर दिया गया। होश में आने के बाद देर शाम घर पहुंचा।
उसने पूरी घटना मां को बताई। मां माधुरी उसे लेकर 16 अगस्त को हैलट पहुंचीं। यहां जांच में पता चला कि आनंद की नसबंदी हो चुकी है। सीओ गोविंद नगर ने बताया कि जांच के बाद मामले में रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जाएगी।
चार बीघा जमीन और एक प्लाट
माधुरी के मुताबिक गांव की चार बीघा जमीन व एक प्लाट हड़पने केलिए उनके बेटे के साथ उसके चचेरे भाई ने ऐसी घटिया हरकत की है। इनकी मंशा है कि जब उसका वंश आगे नहीं बढ़ेगा तो इस प्रापर्टी पर वे लोग कब्जा कर लेंगे।
अस्पताल भी जांच के दायरे में
अस्पताल में जिन दस्तावेजों पर आनंद का अंगूठा लगवाया था, उसमें दिखाया गया था कि उसके तीन बच्चे हैं। जब आनंद की मां ने अस्पताल प्रशासन से इस बात पर नाराजगी जताई तो वहां से उनको धमकी मिली। ऐसे में अस्पताल प्रशासन की भूमिका भी जांच के दायरे में है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही अस्पताल प्रशासन से भी पूछताछ की जाएगी।