पिता की संपत्ति में हक मांगने पर डेरापुर के कांधी गांव में नशेड़ी भाई
ने बहन को गला दबाकर मार डाला और हादसा दिखाने के लिए शव फूंक दिया।
घर से
धुआं निकलता देख मां व छोटी बहन को इसका पता चला तो वे भाग कर घर में गए
लेकिन वहां जला शव मिला। पुलिस ने मां की तहरीर पर हत्या की रिपोर्ट दर्जकर
फरार बड़े बेटे की तलाश शुरू कर दी है।
कांधी निवासी स्व.राजाराम के
परिवार में पत्नी चंद्रावती, दो बेटे मनोज, राजमंगल, दो बेटियां शिमला और
राधा हैं। शिमला (38) का विवाह काफी पहले औरैया में हुआ था। लेकिन, वह
कांधी में अपने भाई मनोज के साथ करीब बीस वर्ष से रह रही थी।
मनोज की मां
चंद्रावती बेटी राधा के साथ अपने दूसरे पुत्र राजमंगल के साथ औरैया में
रहती है। मनोज और शिमला में पिता की संपत्ति में हिस्से के विवाद था। विवाद
सुलझाने के लिए चंद्रावती व राधा दो दिन पहले औरैया से कांधी आए थे।
रविवार को मनोज व बहन शिमला में फिर विवाद हुआ। मनोज ने उसे डांट कर चुप
करा दिया। सोमवार सुबह मां चंद्रावती व बहन राधा घर के बाहर धूप सेंक रहे
थे।
इसी दौरान कमरे से धुआं निकलता देख दोनों मौके पर पहुंचे तो देखा कि
शिमला फर्श पर पड़ी धू-धूकर जल रही थी। दोनों के शोर मचाने पर आसपास के लोग
पहुंचे। तब तक शिमला की मौत हो चुकी थी। घटना के बाद मनोज घर से भाग
निकला। मां चंद्रावती ने बताया कि शिमला की चीखने-चिल्लाने की आवाज नहीं
सुनाई दी। इसलिए आशंका है कि मनोज ने शिमला की गला दबाकर हत्या की फिर
मिट्टी का तेल डालकर शव फूंक दिया।
भाई राजमंगल ने बताया कि मनोज की शादी
कानपुर में हुई थी। लेकिन, उसका व्यवहार ठीक न होने के चलते उसकी पत्नी
मायके में ही रहती थी। शिमला और मनोज, दोनों के कोई संतान नहीं है। डेरापुर
थाना प्रभारी पृथ्वीराज ने बताया कि मां की तहरीर पर मनोज के खिलाफ हत्या
की रिपोर्ट दर्ज की गई है। मनोज फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है।