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पनकी मंदिर गद्दी विवाद को लेकर अब सगे भाई भिड़े, जनार्दन दास को धक्के मार निकाला गया

Sat, 19 Dec 2020 05:22 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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पनकी मंदिर विवाद - फोटो : अमर उजाला
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कानपुर के पनकी पंचमुखी हनुमान मंदिर में महंत की गद्दी को लेकर चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार को एक बार फिर मंदिर परिसर अखाड़ा बन गया। मंदिर के महंत जितेंद्र दास ने अपने सगे बड़े भाई व मंदिर की महंत गद्दी का दावा करने वाले जनार्दन दास को श्रद्धालुओं के सामने ही पीट दिया।
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इतना ही नहीं उन्हेंं धक्के मारते हुए गर्भ गृह से बाहर भी कर दिया। ब्रह्मलीन महंत भोलेश्वर दास के चेले जनार्दन दास महंत की गद्दी को लेकर अपना दावा करते हैं, जबकि जितेन्द्र दास महंत की गद्दी पर काबिज है। पनकी मंदिर के ब्रह्मलीन महंत भोलेश्वर दास के चेले जनार्दन दास शनिवार दोपहर मंदिर के गर्भ गृह में खड़े होकर श्रद्धालुओं की सेवा में लगे हुए थे।

 
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तभी वहां पहुंचे जनार्दन दास के सगे छोटे भाई एवं महंत जितेन्द्र दास ने उन्हेंं दबोच लिया। इस दौरान जितेंद्र दास ने श्रद्धालुओं के सामने ही जनार्दन दास की पिटाई कर दी और उन्हेंं गर्भ ग्रह से पीटते हुए बाहर निकाल दिया। पूरी घटना गर्भ ग्रह में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। जनार्दन दास ने बताया कि उनके गुरु ब्रह्मलीन भोलेश्वर दास ने उन्हेंं अपना चेला स्वीकार किया था।

इसलिए महंत की गद्दी पर बैठने का अधिकार उनका है। जबकि जितेन्द्र दास ने जबरन महंत की गद्दी पर कब्जा कर रखा है, जिसका विरोध करने पर वह अक्सर उन्हेंं धमकी भी देते हैं। वही महंत जितेन्द्र दास ने बताया कि गर्भ ग्रह में महंत व पुजारी ही प्रवेश कर सकते हैं। इसके अलावा कोई बाहरी व्यक्ति गर्भ ग्रह में प्रवेश नहीं कर सकता।

इसी के चलते जनार्दन दास को गर्भ ग्रह से बाहर निकाला है। पनकी थाना प्रभारी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि गर्भ ग्रह के अंदर महंत के बिना किसी दूसरे की उपस्थिति उचित नहीं है। जनार्दन दास व सुरेंद्र दास के महंत पद के लिए मामला विचाराधीन है। घटना के संबंध में जानकारी प्राप्त हुई है। तहरीर मिलने पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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