बेटे चंद्रशेखर की मौत पर रोते बिलखते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
यूपी के फर्रूखाबाद जिले में रविवार को एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। अपनी बहन की शादी का खर्च उठाने के लिए दिल्ली में नौकरी कर रहे भाई की शादी के दिन लौटते समय एक सड़क हादसे में मौत हो गई। जब बहन की डोली से ठीक पहले भाई की अर्थी उठी तो वहां मौजूद हर आंख नम हो गई।
एटा में दुर्घटना में शोला बनी कार में पांच जिंदगियां मौत के मुंह में समा गईं। इसमें गांव गुठिना निवासी चंद्रशेखर की भी मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम के बाद शनिवार देर रात शव गांव पहुंचा तो वहां कोहराम मच गया। रविवार सुबह चंद्रशेखर की जब अर्थी उठी, तो हर आंख रो पड़ी। एक बहन की दो माह बाद ही डोली उठनी थी, लेकिन वहां से अर्थी उठते ही चीत्कार मच गई। वृद्ध माता-पिता का खेवनहार चला गया।
घटना के बाद रोते बिलखते परिजन
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मेरापुर थाना क्षेत्र के गांव गुठिना निवासी बंगाली बाबू का 27 वर्षीय पुत्र चंद्रशेखर कठेरिया चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी में बीएड का छात्र था। वह दो माह बाद होने वाली बहन की शादी की रकम जुटाने को शिक्षा के साथ दिल्ली के मानेश्वर स्थित एफएमआई में काम करता था। मुलायम सिंह, दीप सिंह उससे बड़े भाई और बहन प्रीति छोटी है।
वह वृद्ध पिता और माता सरला देवी का सहारा था। दोनों शादीशुदा भाई मां-बाप से अलग रहते हैं। चंद्रशेखर ने छोटी बहन प्रीति की शादी आगरा में तय कर दी थी। 20 फरवरी 2020 को बारात आनी थी। मगर कुदरत को कुछ और ही मंजूर था। परिजनों ने शव का काली नदी घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया।
गौरतलब है कि चंद्रशेखर शुक्रवार को एटा थाना नयागांव क्षेत्र के गांव तमरौरा निवासी अपने फुफेरे भाई सुनील कुमार उर्फ संतोष के साथ कार में सवार होकर दिल्ली से घर आ रहे थे। सुनील चला रहा था। सुनील की पत्नी विमला(32) बेटा लवकुश (10), बेटी वर्षा (16), मैनपुरी के थाना कुरावली के गांव अलूपुरा निवासी मौसा बबलू भी थे। एटा के बागवाला थाने क्षेत्र के हिम्मतपुर गांव के पास सीमेंट से लोड ट्रॉला में कार घुसने से उसमें आग लग गई थी। इसमें वर्षा के अलावा सभी की जलकर मौत हो गई थी।