फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: रिश्तेदार के संग बहन के जाने से आहत भाई ने दी जान, किशोरी को ढूंढने में लापरवाही पर हलका इंचार्ज निलंबित

Thu, 02 Jan 2025 11:56 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरैया

सार

Auraiya News: रिश्तेदार के संग बहन के जाने से आहत भाई ने मौत को गले लगा लिया। मामले में किशोरी को ढूंढने में लापरवाही पर हलका इंचार्ज को निलंबित कर दिया गया है।
विज्ञापन
घटनास्थल पर जुटी ग्रामीणों की भीड़ - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

रिश्तेदार के संग किशोरी बहन के जाने से आहत भाई ने फंदा लगाकर जान दे दी। शव देखकर गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस पर किशोरी को ढूंढने में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। हालात बिगड़ते देख कई थानों की पुलिस बुलानी पड़ी। उधर, एसपी ने लापरवाही पर हलका इंचार्ज को निलंबित कर दिया।
विज्ञापन


गांव दौलतपुर निवासी सुशील कुमार का 22 वर्षीय पुत्र कन्हैया मजदूरी करता था। परिजनों के मुताबिक 19 दिसंबर को कन्हैया की छोटी बहन एक रिश्तेदार के साथ घर से चली गई थी। इससे कन्हैया सदमे में था। बुधवार रात कन्हैया घर से निकला था, लेकिन लौटा नहीं। गुरुवार की सुबह ग्रामीणों को कन्हैया का शव एक बाग में पेड़ पर मफलर के फंदे से लटका मिला। सूचना पर परिजन मौके पर पहुंचे। जानकारी पर थानाध्यक्ष गंगादास गौतम फोर्स के साथ पहुंचे। शव को फंदे से उतारने का प्रयास पुलिस ने शुरू किया। इसी बीच परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो उठे।

हलका इंचार्ज मुकेश कुमार पर कन्हैया की बहन को तलाशने में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। शव नहीं उतारने से रोक दिया। कुछ ही देर में ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। माहौल बिगड़ता देख अयाना, अजीतमल समेत कई थानों की पुलिस दौलतपुर पहुंच गई। उधर, सीओ भरत पासवान मौके पर पहुंचे। परिजनों से वार्ता कर कार्रवाई का भरोसा दिया। इसके बाद पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज पाई। एएसपी आलोक मिश्रा ने बताया कि केस दर्ज कर लिया गया है। कन्हैया की लापता बहन की तलाश करने में लापरवाही बरत रहे हलका इंचार्ज मुकेश कुमार को एसपी ने निलंबित कर दिया है। क्षेत्राधिकारी पूरे मामले में जांच कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

पिता बोला, बेटी की तलाश के लिए टहलाते रहे हलका इंचार्ज और बेटे ने दे दी जान
कन्हैया के पिता सुशील कुमार ने बताया कि उनकी चार बेटियां हैं। तीन की शादी हो चुकी है। 19 दिसंबर को नाबालिग बेटी को रिश्तेदार ले गया। 20 दिसंबर को पुलिस को शिकायती पत्र दिया था, तब से बेटी के लिए लगातार चक्कर काट रहे हैं। हलका इंचार्ज मुकेश कुमार लगातार टरका रहे थे। दरोगा कहते थे कि प्राइवेट गाड़ी करके लाओ, तब तलाश होगी। इस पर ढाई हजार रुपये में गाड़ी भी की। पुलिस साथ गई और एक-दो जगह दबिश दी थी।

सुशील ने बताया कि पुलिस आरोपी के पिता को थाने ले आई थी। जल्द ढूंढने की बात कहकर उसे छोड़ दिया था। गरीबी के चलते वह बार-बार गाड़ी के लिए पैसों का वहन नहीं कर पा रहा था। लोकलाज के कारण पूरा परिवार ने घर से बाहर निकलना भी बंद कर दिया था। पुलिस सहयोग करती तो बेटी भी मिल जाती और पुत्र को भी खोना नहीं पड़ता। यह सब कहते ही सुशील बिलख पड़ा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें