कानपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 की पहली किस्त जारी होते ही शहर में दलालों का गिरोह सक्रिय हो गया है। ये दलाल पात्र लाभार्थियों को आवास का पैसा जल्दी दिलाने का झांसा देकर 20 से 50 हजार रुपये तक की मांग कर रहे हैं। कई लोगों ने डूडा कार्यालय में शिकायत की है।
जिले में वर्ष 2021 के बाद पीएम आवास योजना का लाभ किसी को नहीं मिला था। वर्ष 2025 में नए सिरे से आवेदन मांगे गए थे। इसमें करीब 11 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए। जांच के बाद 5,500 आवेदन सही पाए गए। 4,500 लाभार्थियों की सूची शासन को भेजी गई थी। जनवरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 3,497 लाभार्थियों के खातों में एक लाख रुपये की पहली किस्त सीधे भेजी थी। धनराशि पहुंचते ही दलालों का गिरोह फिर से सक्रिय हो गया। जिन लाभार्थियों को पैसा नहीं मिला है उन्हें फोन कर जल्दी पैसा दिलाने के नाम पर 50 हजार रुपये तक मांग रहे हैं। कई आवेदक झांसे में आकर पैसा भी दे रहे हैं।
दलाल खुद को विभागीय कर्मचारी या ऊपर तक पहुंच रखने वाला बताते हैं। वह आवेदकों को भरोसा दिलाकर रकम वसूलते हैं। पैसा मिलने के बाद उनका फोन उठना बंद हो जाता है। तब ठगी का अहसास होने पर लोग डूडा कार्यालय पहुंचते हैं। वहां उन्हें पता चलता है कि किस्त सीधे शासन से खातों में आती है। डूडा कार्यालय में किसी तरह का पैसा नहीं लिया जाता है। डूडा कार्यालय में आए दिन लोग अपनी शिकायतें लेकर पहुंच रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि पात्र आवेदकों के नाम और पते की सूची दलालों के हाथ कैसे लगी। इसमें विभाग के कर्मियों की मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है।
केस वन -
50 हजार रुपये मांगे
बिठूर नगर पंचायत के रहने वाले मो. गुफरान, इस्माइल ने बताया कि अंजनी द्विवेदी नाम का व्यक्ति खुद को विभाग का कर्मचारी बताकर आवास दिलाने के नाम पर 50 हजार रुपये मांगे थे। इसके लिए करीब दो बार फोन भी कर चुका है जब कार्यालय पहुंचे तो पता चला कि कार्यालय में इस नाम का कोई व्यक्ति नहीं।
केस- दो
20 हजार रुपये मांगे, पांच हजार दिए
आर्यनगर के रहने वाले रमेश का नाम पात्र सूची में है। अभी तक पैसा नहीं मिला। बीते 15 दिन पहले दिनेश नाम के व्यक्ति ने आवास की किस्त दिलाने के नाम पर 20 हजार रुपये मांग थे। जिसमें पांच हजार रुपये दे भी दिए। एक सप्ताह बाद जब नंबर मिलना बंद हुआ तो कार्यालय पहुंचे। पता चला कि इस नाम का कोई कर्मचारी नहीं है।
वर्जन-
फोन करने पर बंद बताता
दलालों की गिरोह सक्रिय है। पैसे लेने की शिकायतें आ चुकी हैं जब उनके नंबरों पर फोन किया जाता तो बंद बताता है। पात्रों को बताया जा रहा कि किसी को पैसे देने की जरूरत नहीं है इसके बाद भी लोग झांसे में आ रहे हैं। - आवेश खान, परियोजना निदेशक डूडा