मंगलवार को जिलाधिकारी ने कर-करेत्तर व राजस्व कार्यों की बैठक ली। इसमें
राजस्व वसूली तथा अन्य कार्यों में अपेक्षित प्रगति न पाए जाने पर सभी
एसडीएम तथा तहसीलदारों को राजस्व निर्देशों के अनुरूप अपने कार्यों में
प्रगति लाने के निर्देश दिए।
मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में
जिलाधिकारी कुमार रविकांत सिंह ने कर-करत्तेर राजस्व कार्यों की अधिकारियों
के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने कहा कि राजस्व वसूली शासन की
प्राथमिकताओं वाला महत्वपूर्ण कार्य है। इसके चलते अधिकारी तहसीलों मे
बीएमडब्लयू की आरसी निकालकर समीक्षा करे तथा राजस्व वसूली में वृद्धि करें।
उन्होंने अधिशाषी अधिकारी रूरा, पुखरायां व सभी ईओ को निर्देश देते हुए
कहा कि वह शत प्रतिशत वसूली पूरा करें। इसके अलावा आबकारी अधिकारी को मासिक
कर कम होने पर प्रगति लाने के निर्देश दिए।
मंडी समिति के सचिव से लक्ष्य
निर्धारण पूछा। जिसका वह संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके जिस पर उन्होंने मंडी
समिति रूरा, पुखरायां, झींझक को राजस्व बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने
सभी तहसीलों के एसडीएम को निर्देश दिए कि वह अपने 10 बड़े बकाएदारों पर शत
प्रतिशत वसूली करें। वसूली न होने पर उनकी जमीन आदि की नीलामी कर कार्रवाई
करें।
इस दौरान जिलाधिकारी ने प्रभागीय परिवहन अधिकारी, वन, अधिशासी
अभियंता विद्युत को प्रवर्तन कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही
नायब तहसीलदार, अमीनों से वसूली कार्यक्रम बनाकर अभियान चलाने के निर्देश
दिए। उन्होंने कहा कि वसूली के कार्य मे उपजिलाधिकारी तथा तहसीलदार रुचि
लें।
राजस्व वादों का निस्तारण युद्धस्तर पर किया जाए। आम आदमी बीमा योजना,
कृषक बीमा दुर्घटना बीमा योजना का सत्यापन कर इसमें प्रगति लाई जाए। तहसील
दिवस में फरियादियों की समस्याओं का निस्तारण गुणवत्तायुक्त तरीके से
कराया जाए।
बैठक के दौरान एडीएम वित्त एवं राजस्व आशुतोष कुमार, एडीएम
प्रशासन शिवशंकर गुप्ता सहित सभी एसडीएम, तहसीलदार, अधिशासी अधिकारी नगर
पालिका एवं नगर पंचायत व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।