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कानपुर: ब्रजेश का शव घाट ले जाते समय विरोध पर उतरी महिलाएं, झांसी-कानपुर हाईवे किया जाम, सीबीआई जांच की मांग

Wed, 29 Jul 2020 10:02 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर देहात
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बृजेश पाल हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
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कानपुर देहात में अपहरण कर हत्या करने में पुलिस की लापरवाही से नाराज धर्मकांटा मैनेजर ब्रजेश की बहन और महिलाएं झांसी-कानपुर हाईवे पर जाम लगाकर बैठ गईं। महिलाएं सीबीआई से घटना की जांच और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग कर रही थीं। एसडीएम के कार्रवाई के आश्वासन पर महिलाएं शांत हुई। इस पर एक घंटे बाद हाईवे का यातायात सुचारु हो सका।
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चौरा गांव निवासी धर्मकांटा मैनेजर का अपहरण कर 20 लाख फिरौती मांगी गई थी। पुलिस ने मंगलवार को उसका शव कुएं से बरामद कर कान्हाखेड़ा के सुबोध सचान को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने दावा किया था सुबोध ने ही ब्रजेश की हत्या कर शव कुएं में फेंका था।

मंगलवार देर शाम कपड़े और चप्पल बरामद कराने के लिए ले जाते समय सुबोध ने दरोगा का रिवाल्वर छीन कर भागने का प्रयास किया था। इसमें एक गोली उसके पैर में लगी थी। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद ब्रजेश का शव चौरा गांव ले जाया गया।
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वहां शव लेकर परिजन कालपी यमुना घाट को चले। हाईवे पर पहुंचते ही लोग आक्रोशित होकर पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाने लगे। कुछ लोग वाहनों को रोक कर जाम लगाने लगे। एसडीएम राजीव राज ने सभी को शांत कराया।
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पिता शिवनाथ पाल कहते रहे कि उन्हें न्याय चाहिए। उन्होंने जाम लगा रहे लोगों से हाईवे से हटने को कहा। ब्रजेश की बहन और अन्य महिलाएं हाईवे पर बैठ गईं। इससे जाम लग गया। अफसरों के समझाने पर एक घंटे बाद परिजन शव लेकर यमुना घाट चले गए। तभी बसपा से पूर्व राज्य मंत्री रहे सतीश पाल, कांग्रेस से पूर्व सांसद राजाराम पाल, पूर्व जिलाध्यक्ष नीतम सचान पहुंच गए। इन्हें देखकर फिर लोग नारेबाजी करने लगे।

इन लोगों का कहना था ब्रजेश के रिश्तेदार मुकेश व अखिलेश पर बेबुनियाद आरोप लगाकर मारने वाले दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाए। दोनों का कहना है कि पुलिस जबरिया अपहरण करने का अपराध स्वीकार करने का दबाव बना रही थी। जुर्म स्वीकार न करने पर बेरहमी से मारपीट की। इससे मुकेश का हाथ टूट गया और अखिलेश को गंभीर चोटें आई हैं। एसडीएम ने जांचकर करके दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने का भरोसा दिया तो लोग शांत हो गए।

शव पहुंचते ही गांव में मचा कोहराम
बुधवार को जब पोस्टमार्टम के बाद ब्रजेश का शव चौरा गांव पहुंचा तो कोहराम मच गया। हर किसी के आंसू छलक आए। मां, बहन, दादी, भाभी, मौसी सभी बेहाल हो गए। लोग परिजनों को ढांढस बंधाते रहे। प्रशासनिक अधिकारी भी सांत्वना देते रहे। शव को कालपी यमुना घाट ले जाते समय रोते परिजनों के साथ गांव के लोगों की भीड़ चल पड़ी। हाईवे से महिलाओं को वापस कर शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया।
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