कानपुर जीएसवीएम कॉलेज के सर्जरी विभाग ने अपनी तरह की प्रदेश की पहली सर्जरी करके कैंसर रोगी की बीमार कोशिकाओं को निकालकर स्तन बना दिया। रोगी की प्लास्टिक सर्जरी के लिए शरीर के किसी और हिस्से से मांस नहीं लिया जो स्वस्थ कोशिकाएं रही हैं, उन्हीं से स्तन को ठीक कर दिया गया।
ऑको प्लास्टिक ब्रेस्ट सर्जरी फतेहपुर की रहने वाली 30 वर्षीय युवती की हुई है। सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. संजय काला का कहना है कि इससे कैंसर रोगियों का स्तन नहीं काटना पड़ेगा। स्तन कटने के बाद रोगी मानसिक प्रताड़ना से गुजरती हैं। वे इससे बच जाएंगी।
विभागाध्यक्ष डॉ. संजय काला ने बताया कि एडवांस आंको प्लास्टिक सर्जरी अभी प्रदेश के किसी सरकारी चिकित्सा संस्थान में नहीं हो रही है। कुछ केस एसजीपीजीआई लखनऊ में हुए हैं। लेकिन नई एडवांस तकनीक के नहीं हैं। शोधों से उजागर हुआ है कि कैंसर के दोबारा होने का खतरा दोनों स्थिति में बराबर होता है चाहे अंग काटकर अलग कर दिया जाए या फिर सिर्फ बीमार हिस्से को हटाया जाए। अंग कटने पर रोगी को मानसिक प्रताड़ना होती है। इस एडवांस तकनीक से अंग बचा लिया जाता है।
फतेहपुर की रहने वाली युवती की सर्जरी डॉ. काला और ऑको सर्जन डॉ. मोहम्मद अतहर की टीम ने की है। डॉक्टरों ने बताया कि रोगी अब स्वस्थ है। उसका रोग दूसरे स्टेज पर रहा है। स्तन कैंसर के महीने में पांच से सात केस आते हैं।