डीएम डॉ. रोशन जैकब के ड्रीम प्रोजेक्ट माई सिटी फेसबुक के पेज को अधिकारियों की लापरवाही ने जोर का झटका दिया है। आलम यह है कि दर्ज कराई गईं शिकायतें 15-20 दिन तक अटेंड ही नहीं होती हैं। अगर एक माह की स्थिति देखें तो 13 शिकायतें तो अटेंड तक नहीं की गई हैं।
जिलाधिकारी ने बिजली, पानी, सड़क, सफाई, अतिक्रमण, जाम की शिकायतें ऑन लाइन दर्ज कराने के लिए माई सिटी वेबसाइट लॉच की थी। शुरुआत में इसके अच्छे परिणाम भी आ रहे थे। सभी विभागों के अफसर माई सिटी पर दर्ज समस्याओं को गंभीरता से लेते थे। इसकी सफलता पर ही डीएम को प्रदेश सरकार ने सम्मानित भी किया था।
माई सिटी वेबसाइट के साथ ही फेसबुक पर माइसिटी का लिंक बनाया था ताकि फेसबुक यूजर इस पर अपनी शिकायतें दर्ज कराएं। पर इसमें एक समस्या है। माई सिटी बेवसाइट पर जहां सभी शिकायतों की स्थिति कोई भी देख सकता था वहीं फेसबुक आईडी पर एडमिन ही शिकायतें देख सकता है।
डीएम ने अपने स्टेनो रणधीर को माई सिटी फेसबुक का एडमिन बनाया है। वहीं शिकायतों के निस्तारण की स्थिति देखकर डीएम को जानकारी देते हैं। इस बीच माई सिटी फेस बुक पर दर्ज शिकायतों के निस्तारण में कुछ विभाग दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं।
जिलाधिकारी का कहना है कि ज्यादातर समस्याओं का निस्तारण हो रहा है। कुछ शिकायतें टाइम बॉड वाली नहीं होती हैंै। इसलिए विलंब लगता है। फिर भी सभी विभागों को माई सिटी फेसबुक पर आने वाली शिकायतों को प्राथमिकता से निस्तारण के लिए कहा जाएगा।