अर्मापुर स्थित आयुध निर्माणी कानपुर (ओएफसी) में मंगलवार को फर्जी पास (संविदा पास) के जरिए प्रवेश करने का मामला सामने आया है। गेट पर तैनात सुरक्षा गार्डों ने पकड़े गए युवक की मदद से पास जारी करने वाले शातिर को दबोचकर पुलिस को सौंप दिया। शातिर के पास ओएफसी, फील्ड गन, एसएएफ समेत अन्य आयुध निर्माणियों के लेटर पैड, अफसरों के पदनाम की मोहरें बरामद हुई हैं। पुलिस के बड़े अफसरों के भी लेटर पैड और मोहरें मिली हैं। शातिर के पास मिली हरियाणा के नंबर की बाइक भी चोरी की निकली है। पुलिस पूछताछ कर जानकारी हासिल करने में जुटी है।
ओएफसी गेट पर तैनात सुरक्षा गार्डों के मुताबिक मंगलवार दोपहर 12:30 बजे शास्त्रीनगर निवासी प्रवीन पांडेय ने एंट्री के लिए पास दिखाया तो वह संदिग्ध लगा। पास की जांच की, तो शक सही निकला। उन्होंने प्रवीन से पूछताछ की तो उसने बताया कि गेट के बाहर मौजूद एक युवक ने उसे पास जारी किया है। गार्डों ने शातिर को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वह भागने लगा। गार्डों ने दौड़ाकर उसे दबोच लिया।
उसके पास मिले बैग की छानबीन की तो उसके पास शहर स्थित पांचों आयुध निर्माणी के दस्तावेज, महाप्रबंधकों के पुराने लेटरहेड और विभागीय मोहरें बरामद हुईं। कोलकाता स्थित बोर्ड तक के दस्तावेज और मोहरें भी मिलीं। गार्डों ने तत्काल ये जानकारी आलाधिकारियों को दी और शातिर को पुलिस के हवाले कर दिया।
थाना प्रभारी राजकुमार का कहना है कि शातिर ने अपनी पहचान नौबस्ता के हंसपुरम निवासी शमीम असलम बताई है। उसके पास मिले बैग से कई फर्जी दस्तावेज और आयुध निर्माणी की मोहरें बरामद हुई हैं। ओएफसी के वरिष्ठ महाप्रबंधक की तहरीर पर शमीम असलम के खिलाफ फर्जी दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर गिरफ्तार किया गया है।