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स्कूलों ऑफिसो में शुरू हुआ चीन के एप का बहिष्कार

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माई सिटी रिपोर्टर आदर्श त्रिपाठी कानपुर। चीन के हमले में भारतीय सैनिकों के शहीद होने के बाद शहरवासियों में चीन के खिलाफ गुस्सा बढ़ता जा रहा है। चीन के उत्पादों के बहिष्कार की मांग के बीच शहर वासियों ने चीनी एप के खिलाफ मुहिम छेड़ दी है। ऑनलाइन पढ़ाई करा रहे शहर के कई स्कूलों ने शनिवार को स्टूडेंट और पेरेंट्स को मैसेज भेज कर जूम एप की बजाय माइक्रोसॉफ्ट टीम्स से क्लास लेने का संदेश भेजा है। इसके साथ ही सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म में भी चाइनीस ऐप डिटेक्टर नामक ऐप को डाउनलोड करने की सलाह वाले संदेश जमकर प्रसारित किए जा रहे हैं। यह एप मोबाइल में मौजूद सभी चाइनीस ऐप की जानकारी देने के साथ ही उन्हें डिलीट करने का विकल्प देता है। बिरहाना रोड निवासी आलोक मेहता का बेटा सात बगलिया स्थित एक नामी स्कूल का छात्र है। स्कूल की ओर से शनिवार को उनके मोबाइल पर माइक्रोसॉफ्ट टीम ऐप के जरिए ऑनलाइन पढ़ाई करने की अनुमति देने संबंधी मैसेज आया। आलोक ने बताया कि चाइनीस एप के जरिए मोबाइल की सूचनाएं लीक होने की खबरें आ रही थी। ऐसे में स्कूल का यह फैसला सभी अभिभावकों की निजता के लिहाज से फायदेमंद साबित होगा। फजलगंज निवासी कंप्यूटर कारोबारी प्रशांत अग्रवाल के व्हाट्सएप पर चाइनीस ऐप डिटेक्टर को डाउनलोड करने और उनके फोन पर इंस्टॉल सभी चाइनीस ऐप को डिलीट करने का मैसेज पहुंचा। प्रशांत ने बताया कि उन्होंने प्ले स्टोर से चाइनीज डिटेकटर एप को लांच किया इसके बाद अपने तुरंत बता दिया कि उनके फोन में कौन-कौन से चाइनीस ऐप इंस्टॉल हैं। चीन ने भारत के साथ जो विश्वासघात किया है, उसका हर नागरिक को अपने अपने तरीके से विरोध करना चाहिए। हम सीमा पर भले ही नहीं लड़ सकते लेकिन चीन को आर्थिक मोर्चे पर जरूर सबक सिखा सकते हैं।
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