यूपी के हरदोई जिले में आयुष्मान योजना के लाभ के इंतजार में माधौगंज थाना क्षेत्र के ग्राम पड़ना में लकवाग्रस्त किशोर की मौत हो गई। विधायक की पहल पर चार दिन पहले टीम ने गांव जाकर उसके फिंगर प्रिंट लिए लेकिन डाटा अप्रूव न होने से उसे कार्ड का लाभ न मिल पाया। इस तरह सरकारी योजना के क्रियान्वयन पर फिर सवाल खड़े हो गए।
माधौगंज से 10 किलोमीटर दूर गांव पड़ना निवासी हरि बाबू सिंह प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते थे। मशीनों में उलझने से वह एक पैर गवां बैठे। उनका 17 वर्षीय बेटा सचिन तीन साल से पूरे शरीर से लकवाग्रस्त था। बहन लक्ष्मी भी नि:शक्त है, उनकी मां का देहांत हो चुका है। घर का खर्च चाचा चलाते हैं। उन्होंने सचिन का इलाज कराने का प्रयास किया लेकिन जब हार गए तो सरकारी योजना आयुष्मान की ओर भागे।
प्रधानमंत्री की ओर से चिट्ठी आ गई तो कार्ड बनवाने को लेकर पहले तो उसे मल्लावां लेकर गए लेकिन वहां उसका फिंगर प्रिंट ही नहीं लिया जा सका। आखिरकार परिवार की समस्या किसी तरह विधायक आशीष कुमार सिंह तक पहुंची।
उन्होंने माधौगंज कॉमन सेंटर प्रभारी वंदना तिवारी से समस्या बताई। जिसके बाद वह टीम के साथ सचिन के घर 13 मई को गईं लेकिन फिंगर प्रिंट नहीं लिए जा सके। 15 को एक बार फिर वह गईं और उन्होंने फिंगर प्रिंट लिए। उसके कार्ड के अप्रूवल के लिए डाटा सेंड कर दिया लेकिन चार दिन हो गए और इसे ओके नहीं किया गया। परिजन राह ही तकते रहे और शनिवार सुबह सचिन की सांसें थम गईं। विधायक ने इस पर अफसोस जताया है। यदि चार दिन पूर्व ही अप्रूवल मिल जाता तो शायद सचिन का इलाज शुरू हो सकता था।
एक घंटे में मिलता है अप्रूवल
सचिन का आयुष्मान कार्ड के लिए जो अप्रूवल चार दिन में नहीं मिल सका, उसे एक घंटे में मिल जाना चाहिए था। साइट पर उसके कार्ड की रिक्वेस्ट पेंडिंग ही दिखा रही है।
बिलग्राम कॉमन सर्विस सेंटर की संचालक वंदना तिवारी ने बताया कि उनके यहां उस दिन 16 कार्डों के लिए डाटा भेजा गया था लेकिन उसके साथ 16 आवेदन अभी भी लंबित हैं।