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यूपी: मां के सामने तड़पता रहा बच्चा, एक घंटे बाद आई एंबुलेंस, गले में फंदा कस जाने से बिगड़ी हालत

Sat, 13 Jul 2019 07:02 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज
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एंबुलेंस सेवा उत्तर प्रदेश सरकार (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला
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यूपी के कन्नौज जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिती बद से बदतर हो चुकी है। मरीजों को तत्काल एंबुलेंस उपलब्ध हो सके, इसके लिए प्रदेश सरकार हर तरह से प्रयास कर रही है। जिले को अभी नई एंबुलेंस भी मिली हैं। इसके बाद भी मां के सामने तड़प रहे बच्चे को एक घंटे बाद एंबुलेंस की मदद मिल सकी।
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कसाबा क्षेत्र के ग्राम भारापुर निवासी रिंकू दिवाकर का 10 वर्षीय पुत्र सनी घर पर झूला झूल रहा था। तभी उसके गले में फंदा कस गया। सनी की चीख सुनकर परिजनों ने फंदा हटाया। उसे सौ शय्या चिकित्सालय लाया गया। यहां से चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर देख मेडिकल कालेज रेफर कर दिया।

 
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बच्चे की हालत गंभीर होने पर मेडिकल कालेज किया गया था रेफर

तिर्वा ले जाने के लिए बच्चे को ऑक्सीजन की सख्त जरूरत थी। ऐसे में परिजनों ने 108 एंबुलेंस को फोन किया। एंबुलेंस नहीं पहुंची। परिजनों के बार-बार फोन करने पर  एक घंटे बाद एंबुलेंस पहुंची। तब बच्चे को तिर्वा मेडिकल कालेज भेजा जा सका। 

रिंकू दिवाकर ने बताया कि बेटे सनी को चिकित्सकों ने राजकीय मेडिकल कालेज तिर्वा के लिए रेफर किया तो उसने तत्काल एंबुलेंस के लिए फोन किया। विभागीय कर्मचारियों की लापरवाही से एक घंटे बाद एंबुलेंस मिल सकी। इस दौरान सनी मां के सामने सौ शय्या अस्पताल में तड़पता रहा।
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