महोबा में बिरयानी को लेकर ग्राम सालट में बिगड़ रहे सांप्रदायिक सौहार्द को बचाने के लिए दोनों समुदायों के लोग आगे आ गए हैं। बिरयानी वितरित करने वाले पप्पू मंसूरी ने सभी ग्रामीणों से माफी मांग ली। ग्रामीणों ने भी बड़प्पन दिखाते हुए पप्पू मंसूरी को माफ कर दिया और वर्षों पुरानी चली आ रही आपसी भाईचारे की परंपरा को कायम रखने के लिए शिकायतकर्ता ने शिकायत वापस लेने का भी मन बना लिया है।
इससे दोनों समुदाय के लोग खुुश हैं। गौरतलब है कि 31 अगस्त को शेख पीर बाबा के उर्स के मौके पर राठ निवासी पप्पू मंसूरी ने मुराद पूरी होने पर बिरयानी बनवा दी थी। जिस पर एक समुदाय के कुछ लोगों ने प्रसाद वितरण के दौरान बिरयानी खा ली।
बिरयानी को लेकर मचे बवाल के बाद 43 लोगों पर राजकुमार की तरफ से कोतवाली चरखारी में मुकदमा दर्ज कराया गया। इसके बाद वर्षों से गांव में मिल-जुलकर रहने की परंपरा को बिगड़ते देख ग्रामीणों के सामने पप्पू मंसूरी ने सामूहिक रूप से माफी मांग ली और अपनी गलती स्वीकार की।
पप्पू मंसूरी के माफी मांगने के बाद ग्रामीणों ने उसे माफ कर दिया। साथ ही सांप्रदायिक सौहार्द बचाने और आपसी भाईचारा कायम रखने के लिए शिकायतकर्ता राजकुमार ने शिकायत वापस लेने के लिए हलफनामा देने की बात कही।
शिकायतकर्ता राजकुमार का कहना है कि इस मजार से दोनों समुदाय के लोगों की आस्था जुड़ी है। मजार न तोड़ी जाए यह सभी लोग चाहते हैं। हमारे बुजुर्ग एक-दूसरे से मिलकर वर्षों से रहते चले आ रहे हैं। यही वजह है कि हिंदू समुदाय के लोग उर्स में भारी संख्या में पहुंचकर शिरकत करते हैैं और उर्स के आयोजन के लिए चंदा के रूप में सहयोग करते हैं।
जबरदस्ती नहीं खिलाई बिरयानी
ग्रामीण धन प्रसाद मजार का कहना है कि उर्स के समय वह मौके पर था। एक तरफ बिरयानी बनाई गई थी। करीब 25 फीट की दूरी पर पूड़ी, सब्जी बनाई गई। हिंदू भाइयों ने प्रसाद के रूप में पूड़ी, सब्जी खाई लेकिन कुछ हिंदू भाई बिरयानी लेने पहुंच गए। उनका कहना है कि किसी को भी जबरदस्ती बिरयानी नहीं खिलाई गई। गांव में तमाम लोग नॉनवेज खाते भी है।