बूस्ट योर बिजनेस प्रोग्राम के तहत घरेलू, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्योगों को फेसबुक पर लाकर उन्हें देश दुनिया में प्रचारित करने का मकसद शुरुआत में ही भटक गया। शहर आई 10 सदस्यीय टीम को प्रचार न कर पाने वाले उद्योगों का फेसबुक पर पेज बनाना था लेकिन टीम ने छोटी-छोटी दुकानों का ही पेज बनाने में पूरा दिन गुजार दिया।
उद्योगों को नजरअंदाज करने पर उद्यमियों ने नाराजगी जताई है और इस कवायद को बेमकसद बताया। अधिकारियों ने भी दबी जुबान माना कि जो तय हुआ था, टीम ने वह काम नहीं किया। बूस्ट योर बिजनेस प्रोग्राम की शुरुआत सोमवार को कलक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों, प्रशासन और उद्योग विभाग के अधिकारियों की बैठक के साथ हुई।
टीम ने उद्यमियों को योजना की जानकारी दी। इसके बाद फेसबुक टीम औद्योगिक क्षेत्रों में जाने के बजाय बिरहाना रोड पहुंची। छोटे-छोटे दुकानदारों को जानकारी दी और पेज बनवाने की बात कही। कई दुकानदारों ने तो यह कहकर मना कर दिया कि उन्हें इतने बड़े पैमाने पर प्रचार नहीं चाहिए।
उनके खरीददार तो आसपास के एक-दो मोहल्ले के हैं। इसके बाद टीम थोड़ा बड़ी दुकानों पर पहुंची। यहां भी कुछ दुकानदारों ने ही पेज बनवाए। एक वाच हाउस के मालिक ने स्पष्ट कहा कि वह 20 ब्रांड की घड़ियां बेचते हैं। आजकल हर गली में घड़ी की दुकानें हैं। उन्हें फेसबुक पर पेज की जरूरत नहीं है। देर शाम तक 10 सदस्यीय टीम ने महज 40 दुकानों और प्रतिष्ठानों के पेज बनाए।