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टिकटों के फर्जीवाड़े का भंडाफोड़, बुकिंग क्लर्क गिरफ्तार, उत्तर मध्य रेलवे की टीम ने किया पर्दाफाश

Sun, 15 Mar 2020 08:41 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
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सांकेतिक तस्वीर
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उत्तर प्रदेश के बांदा में रेलवे टिकट में चल रहे फर्जीवाड़ा का उत्तर मध्य रेलवे की सतर्कता टीम ने भंडाफोड़ कर दिया। इसके मुख्य आरोपी बुकिंग लिपिक को गिरफ्तार कर उसके पास से 41 फर्जी टिकट और कैश बरामद हुआ। जीआरपी में थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद उसे जेल भेज दिया गया है।
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तत्काल प्रभाव से उसे निलंबित भी कर दिया गया। मामला अतर्रा रेलवे स्टेशन का है। शनिवार (14 मार्च) को शाम करीब 5 बजे रेलवे के उप मुख्य सतर्कता अधिकारी (यातायात) उत्तर मध्य रेलवे ब्रजेश कुमार मिश्र द्वारा गठित टीम ने अतर्रा रेलवे स्टेशन में बुकिंग काउंटर पर छापा मारा।

 
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यहां टीम को 41 फर्जी अनारक्षित टिकट हाथ लगे। यह 8610 रूपए के थे। इसके अलावा काउंटर पर 7000 रुपये अतिरिक्त बरामद हुए। सतर्कता टीम ने बुकिंग क्लर्क दौलतराम को पकड़ लिया और बांदा में जीआरपी थाने के हवाले कर दिया।

यहां अतर्रा रेलवे स्टेशन अधीक्षक राजेंद्र प्रसाद मिश्रा की तहरीर पर लिपिक दौलतराम के विरुद्ध धारा 419, 420, 467, 468 और 471 आईपीसी की रिपोर्ट दर्ज की गई। इसी के बाद वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (झांसी) ने आरोपी लिपिक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। बांदा जीआरपी थाना इंस्पेक्टर रामबरन सिंह ने बताया कि आरोपी लिपिक को जेल भेज दिया गया है। 

असली टिकट से लंबी दूरी का बनता था फर्जी टिकट
बुकिंग क्लर्क दौलतराम फर्जी टिकट के लिए अतर्रा से बांदा का सामान्य श्रेणी का 10 रुपये का टिकट निकालता था। उस टिकट को स्टेशन के बाहर ले जाकर एक कैफे में फर्जी टिकट के रूप में बदल जाता था। फर्जी टिकट में इस असली टिकट का सीरियल नंबर डाला जाता था। अतर्रा से हजरत निजामुद़्दीन का किराया 210 रुपये फर्जी टिकट में दर्ज किया जाता था। मुंबई की ट्रेन तुलसी एक्सप्रेस की जनरल बोगी का 350 रुपये का फर्जी टिकट भी बरामद हुआ।
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